इससे पहले सुबह के समय घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो रही है। अब शाही स्नान का समय बदला जाएगा, लेकिन स्नान का क्रम वही रहेगा। शाही स्नान के लिए अखाड़े 11 बजे के बाद संगम पर पहुंचने लगेंगे। इस फैसले के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी संतों के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा कि आचार्य महामंडलेश्वर से बातचीत के बाद यह तय हुआ कि पहले श्रद्धालु स्नान करेंगे और उसके बाद साधु संत स्नान के लिए संगम तट पर पहुंचेंगे।
रविंद्र गिरी ने कहा कि सुबह के समय घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई, लेकिन अब यह संख्या घटने लगी है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ अफवाहों के कारण महाकुंभ के बारे में गलत संदेश फैलाया गया था, जिससे सनातन धर्म के विरोधियों को मौका मिल गया था। लेकिन प्रशासन के साथ स्थिति स्पष्ट होने के बाद अब शाही स्नान का फैसला लिया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे जहां भी हैं वहीं स्नान कर लें और संगम आने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे स्थिति और जटिल हो सकती है।
मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने बताया कि मेला प्रशासन के साथ लगातार संवाद में यह बताया गया कि स्थिति में सुधार हो रहा है और अगले एक घंटे में हालात और बेहतर होंगे।
इसके बाद शाही स्नान का आयोजन सुबह 10 बजे से शुरू हो सकता है।
इस बीच, प्रशासन ने स्नानार्थियों का ताजा आंकड़ा जारी किया है, जिसमें बताया गया कि मंगलवार सुबह 8 बजे तक 10 लाख से ज्यादा कल्पवासी संगम तट पर मौजूद थे। इसके अलावा, 2.78 करोड़ से ज्यादा लोग सुबह 8 बजे तक स्नान कर चुके थे। 13 जनवरी से 28 जनवरी तक कुल 19.94 करोड़ लोग महाकुंभ में स्नान कर चुके हैं, जो कि इस धार्मिक आयोजन की ऐतिहासिक अहमियत को दर्शाता है।
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