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कर्नाटक के गृहमंत्री के ठिकानों पर ईडी का छापा, कांग्रेस बोली- यह राजनीतिक प्रतिशोध है

ईडी के सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान यह संदेह जताया गया कि एक शैक्षणिक ट्रस्ट ने कथित तौर पर एक प्रभावशाली राजनीतिक हस्ती के कहने पर अभिनेत्री राव के क्रेडिट कार्ड बिल के 40 लाख रुपये का भुगतान किया।

कर्नाटक के गृहमंत्री के ठिकानों पर ईडी का छापा, कांग्रेस बोली- यह राजनीतिक प्रतिशोध है
फोटो: कर्नाटक के गृहमंत्री के ठिकानों पर ईडी का छापा, कांग्रेस बोली- यह राजनीतिक प्रतिशोध है
कर्नाटक के गृह मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के घेरे में आ गए हैं। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केंद्रीय एजेंसी ने बुधवार को उनके संबंध में कई शिक्षण संस्थानों सहित राज्यभर में 16 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई चर्चित अभिनेत्री रान्या राव से जुड़े कथित सोना तस्करी और हवाला लेनदेन से जुड़े एक मामले के तहत की गई है।

ईडी के सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान यह संदेह जताया गया कि एक शैक्षणिक ट्रस्ट ने कथित तौर पर एक प्रभावशाली राजनीतिक हस्ती के कहने पर अभिनेत्री राव के क्रेडिट कार्ड बिल के 40 लाख रुपये का भुगतान किया। यह ट्रस्ट डॉ. परमेश्वर से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, जांच एजेंसी को इस भुगतान से संबंधित कोई दस्तावेज अब तक नहीं मिला है। ईडी ने इस मामले में धनशोधन रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि सीबीआई और राजस्व खुफिया निदेशालय द्वारा पहले ही बड़े पैमाने पर सोना तस्करी रैकेट की शिकायत दर्ज की जा चुकी है, जिसके बाद ईडी ने यह मामला अपने हाथ में लिया।

ईडी की इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, "डॉ. जी. परमेश्वर देश के सबसे वरिष्ठ दलित नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में समाज के वंचित तबकों के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ईडी की छापेमारी मोदी सरकार की बदले की राजनीति का हिस्सा है।" कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की जनहितकारी योजनाओं से भाजपा बौखला गई है और यह छापेमारी उसी घबराहट का संकेत है।

कर्नाटक कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने दावा किया कि यह कार्रवाई जानबूझकर की गई है और इसका संबंध हाल ही में होस्पेट में एक लाख एससी-एसटी परिवारों को संपत्ति का अधिकार दिए जाने से है। उन्होंने कहा, "डॉ. परमेश्वर द्वारा 46 साल पहले स्थापित सिद्धार्थ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और 1988 में शुरू किए गए मेडिकल कॉलेज पर अब छापे मारे जा रहे हैं। यह सब मोदी सरकार की दलित और पिछड़े वर्गों के नेताओं के खिलाफ साजिश का हिस्सा है।" सुरजेवाला ने आगे कहा कि डॉ. परमेश्वर बतौर गृह मंत्री पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कथित घोटालों की जांच कर रहे हैं और यह छापेमारी उन्हें दबाव में लेने की साजिश है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह सरकार की पांच गारंटियों को जारी रखेगी और एससी-एसटी समुदाय के लिए 'छठी गारंटी' यानी घरों का मालिकाना हक दिलाने के लिए और मजबूती से काम करेगी। पार्टी ने दोहराया, "हम झुकेंगे नहीं। सत्य की जीत होगी।"