दिल्ली सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा इन दिनों सख्त एक्शन में नजर आ रहे हैं। लगातार अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए, उन्होंने सरकारी महकमे में लापरवाही को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। जहां बीते दिन उन्होंने एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया था, वहीं अब उन्होंने एक और इंजीनियर के तबादले का आदेश जारी कर दिया है। मंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर अधिकारी काम नहीं करेंगे, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
"काम नहीं करोगे तो होगी कार्रवाई" – वर्मा की चेतावनी
प्रवेश वर्मा ने अफसरशाही पर निशाना साधते हुए कहा, "अगर अधिकारी अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करेंगे, तो उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। मैं बेवजह किसी को सस्पेंड करना पसंद नहीं करता, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो सख्त से सख्त कदम उठाने में कोई हिचक नहीं होगी।" उन्होंने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि अब उन्हें फील्ड में उतरकर जमीनी स्तर पर काम करना ही होगा।मंत्री ने एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि "शायद उन्होंने बीती रात शराब पी होगी, तभी उनके मुंह से बदबू आ रही थी।" उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर इसी तरह कार्रवाई जारी रखनी पड़ी, तो पूरी दिल्ली के अधिकारियों को सस्पेंड करना पड़ जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे समस्याओं को नजरअंदाज करने की बजाय उन्हें हल करने पर ध्यान दें।
दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि अब वक्त आ गया है कि अधिकारी दफ्तरों से बाहर निकलें और सड़कों पर उतरकर काम करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "अब अफसरों को गलियों में जाना होगा, अपने पैरों को गंदा करना होगा और जनता की समस्याओं का समाधान करना होगा।" उन्होंने दो टूक कहा कि अगर 10 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
"पसीना निकलेगा तो चर्बी घटेगी" – अधिकारियों पर सीधा हमला
एक दिन पहले प्रवेश वर्मा ने सरकारी अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा था कि "बीते 10 सालों में अधिकारियों की खाल मोटी हो गई है।" उन्होंने आगे कहा, "हम लोग खुद फील्ड में उतरकर मेहनत कर रहे हैं, अफसरों को भी जमीन पर लाएंगे। जब उनके पसीने निकलेंगे, तब उनकी चर्बी भी घटेगी।" मंत्री प्रवेश वर्मा ने यह भी घोषणा की कि सरकार समर एक्शन प्लान के तहत हर तीसरे दिन समीक्षा बैठक कर रही है। अधिकारियों को फील्ड में उतरने की हिदायत देते हुए उन्होंने कहा कि अब हर एक कार्य को ऑनलाइन मॉनिटर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि, "कुछ अधिकारी नहीं चाहते कि वे मॉनिटर किए जाएं, लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे। जहां भी हम जमीन पर जाते हैं, वहां दिक्कतें सामने आ रही हैं। अब इन्हीं अधिकारियों से काम भी करवाया जाएगा और उनकी जवाबदेही भी तय की जाएगी।"
मंत्री ने अधिकारियों को साफ शब्दों में कहा कि अब कोई बहाना नहीं चलेगा। "हम चाहते हैं कि हर अधिकारी अपने दायित्व को गंभीरता से निभाए। जनता की समस्याओं का समाधान ही हमारी प्राथमिकता है, और इसमें कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि "काम करने का वक्त आ गया है। जो अधिकारी लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"
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