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Delhi: 'तीन बार हार चुके हैं, वापसी मुश्किल है'— शशि थरूर ने कांग्रेस की स्थिति पर दी प्रतिक्रिया

थरूर ने कम्युनिस्ट और समाजवादी पार्टियों का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस अब भी हर राज्य में किसी न किसी स्तर पर मौजूद है, जबकि कई दल सिर्फ एक या दो |

Delhi: 'तीन बार हार चुके हैं, वापसी मुश्किल है'— शशि थरूर ने कांग्रेस की स्थिति पर दी प्रतिक्रिया
फोटो: Shashi Tharoor
कांग्रेस सांसद शशि थरूर का मानना है कि दिल्ली में पार्टी की वापसी आसान नहीं है, क्योंकि वह लगातार तीन बार चुनाव हार चुकी है। उन्होंने कांग्रेस के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए यह बात कही। थरूर ने कम्युनिस्ट और समाजवादी पार्टियों का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस अब भी हर राज्य में किसी न किसी स्तर पर मौजूद है, जबकि कई दल सिर्फ एक या दो राज्यों तक ही सिमट कर रह गए हैं।

दिल्ली में वापसी एक बड़ी चुनौती


दिल्ली विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर बोलते हुए शशि थरूर ने कहा, "अगर किसी राज्य में लगातार तीन चुनाव हार जाते हैं, तो यह स्पष्ट होता है कि वापसी आसान नहीं होगी, क्योंकि मतदाता अन्य विकल्प तलाश लेते हैं। यह एक बड़ी चुनौती है, जिससे कांग्रेस को निपटना होगा।" उन्होंने यह भी कहा कि कई राज्यों में कांग्रेस को अकेले आगे बढ़ने के बजाय गठबंधन के सहारे ही अपनी स्थिति मजबूत करनी होगी। उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 1996 तक कांग्रेस वहां मजबूत स्थिति में थी और सरकार भी चला चुकी थी, लेकिन मौजूदा हालात में उसकी संभावनाएं बेहद कम हैं। उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को समाजवादी पार्टी या किसी अन्य समान विचारधारा वाले दल के साथ गठबंधन करना होगा। बिहार में भी यही स्थिति है, और तमिलनाडु में हम पहले से ही गठबंधन का हिस्सा हैं।"

कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूती, लेकिन बंगाल और बिहार में संघर्ष


शशि थरूर ने यह भी स्वीकार किया कि कर्नाटक और तेलंगाना में कांग्रेस ने जिस तरह मजबूती दिखाई, वैसा पश्चिम बंगाल और बिहार में कर पाना मुश्किल होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी अलग रणनीति अपनाकर इन राज्यों में आगे बढ़ सकती है। उन्होंने कहा, "अगर देश की राजनीति में बदलाव लाना है, तो जरूरी नहीं कि कांग्रेस अकेले सत्ता में आए। हम उन दलों के साथ मिलकर आगे बढ़ सकते हैं, जिनकी विचारधारा हमसे मेल खाती है।"

थरूर ने कांग्रेस की स्थिति की तुलना समाजवादी और कम्युनिस्ट दलों से करते हुए कहा कि कांग्रेस अभी भी हर राज्य में किसी न किसी स्तर पर मौजूद है, जबकि कई अन्य पार्टियां पूरी तरह सिमट चुकी हैं। उन्होंने कहा, "एक समय था जब कम्युनिस्ट पार्टियां हर राज्य में अपनी मजबूत उपस्थिति रखती थीं, लेकिन अब वे सिर्फ पश्चिम बंगाल और केरल तक सीमित रह गई हैं। पश्चिम बंगाल में तो वे शून्य पर पहुंच गई हैं, जबकि केरल में भी लोकसभा में उनकी कोई सीट नहीं है, हालांकि विधानसभा में अब भी उनकी अच्छी स्थिति है।" समाजवादी दलों की स्थिति पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी जरूर मजबूत है, लेकिन अन्य समाजवादी गुट जैसे समता पार्टी आदि खत्म हो चुके हैं।

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