पुलिस के अनुसार, इस महिला ने नक्सली गतिविधियों में पांच साल तक प्रशिक्षण लिया था और उसने 2018, 2019 और 2020 में झारखंड पुलिस के साथ तीन मुठभेड़ों में हिस्सा लिया था। इन मुठभेड़ों के दौरान महिला नक्सली संगठनों का सक्रिय हिस्सा रही थी। गिरफ्तारी से यह साबित होता है कि आरोपी महिला ने खुद को छुपाने के लिए अपनी पहचान छुपाई थी और राजधानी दिल्ली में एक सामान्य नागरिक की तरह रहकर अपनी नक्सली गतिविधियों से बचने की कोशिश की।
पुलिस ने यह भी बताया कि महिला ने अपने समय का उपयोग दिल्ली में छिपकर रहने के लिए किया, जहां वह किसी को शक होने से बचने के लिए घरेलू कामकाजी के रूप में काम करती रही।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने इस गिरफ्तार नक्सली महिला को झारखंड पुलिस के पास सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जहां उसके खिलाफ चल रही जांच और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस गिरफ्तारी को लेकर दिल्ली पुलिस ने यह भी पुष्टि की है कि आरोपी महिला नक्सली समूहों के लिए काम करने वाली एक महत्वपूर्ण सदस्य रही है और उसके खिलाफ कई मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस गिरफ्तारी ने न केवल दिल्ली बल्कि झारखंड में भी पुलिस की नक्सल विरोधी मुहिम को एक महत्वपूर्ण सफलता दिलाई है।
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