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दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव नियमों के उल्लंघन मामले में आतिशी-प्रवेश वर्मा को भेजा नोटिस, भ्रष्ट आचरण पर भी माँगा ज़वाब

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दो बड़े राजनीतिक नेताओं 'आप' नेता आतिशी और लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिकाओं |

दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव नियमों के उल्लंघन मामले में आतिशी-प्रवेश वर्मा को भेजा नोटिस, भ्रष्ट आचरण पर भी माँगा ज़वाब
फोटो: दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव नियमों के उल्लंघन मामले में आतिशी-प्रवेश वर्मा को भेजा नोटिस, भ्रष्ट आचरण पर भी माँगा ज़वाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दो बड़े राजनीतिक नेताओं 'आप' नेता आतिशी और लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर नोटिस जारी करके दिल्ली की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। यह मामला हाल ही में संपन्न हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों से जुड़ा हुआ है और इसके दूरगामी राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। जस्टिस ज्योति सिंह की खंडपीठ ने कालकाजी विधानसभा क्षेत्र से आतिशी के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए भारत के चुनाव आयोग, दिल्ली पुलिस और कालकाजी के रिटर्निंग अधिकारी को नोटिस जारी किया है। यह याचिका कमलजीत सिंह दुग्गल और आयुष राणा ने दायर की है, जो स्वयं कालकाजी क्षेत्र के निवासी हैं।

याचिका में क्या आरोप लगाए गए?


याचिका में जो आरोप लगाए गए है इसमें चुनाव प्रक्रिया के दौरान भ्रष्ट आचरण, चुनाव नियमों का उल्लंघन करना और इसके अलावा आतिशी और उनके चुनाव एजेंटों द्वारा अनुचित साधनों का प्रयोग करने का आरोप लगाया गया है। वकील टी. सिंहदेव ने याचिका में आतिशी के चुनाव को अमान्य घोषित करने की मांग की है। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आतिशी ने इसी सीट से भाजपा के रमेश बिधूड़ी को 3,521 मतों के अंतर से हराया था। चुनाव आयोग और रिटर्निंग अधिकारी ने याचिका में उन्हें पक्षकार बनाए जाने पर आपत्ति जताई है। अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अन्य महत्वपूर्ण मामले में लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर भी नोटिस जारी किया है। जस्टिस जसमीत सिंह की खंडपीठ ने इस मामले में चुनाव आयोग के साथ-साथ आप नेता अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित सहित 23 उम्मीदवारों से जवाब मांगा है। इस याचिका की क्या खास बातें हैं? • याचिकाकर्ता का दावा है कि उसे चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने से रोका गया • नामांकन दाखिल करने की अनुमति नहीं दी गई • चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 27 मई के लिए निर्धारित की है।

आम आदमी पार्टी ने इन याचिकाओं को "राजनीतिक प्रतिशोध" बताया है, जबकि भाजपा ने कहा है कि "चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं की पूरी जांच होनी चाहिए"। कांग्रेस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

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