सिरसा का आरोप: "मकसद है डराना और घर बिकवाना"
विधायक सिरसा शुक्रवार सुबह विष्णु गार्डन पहुंचे और गली नंबर 5 में खुली दर्जनों नॉन-वेज दुकानों को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दुकानों का मकसद एक खास समुदाय को डराना और उन्हें मजबूर करना है कि वे अपने घर बेचकर इलाके से बाहर चले जाएं।
उन्होंने कहा, "मैंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 24 घंटे के भीतर इन सभी दुकानों को बंद कराया जाए। अवैध रूप से संचालित ढाबों को सील किया जाएगा और उनके पानी व बिजली कनेक्शन काटे जाएंगे।"
सिरसा के बयान के तुरंत बाद, गली की अधिकांश दुकानों के शटर गिरा दिए गए। कई दुकानदारों ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि वे पिछले 5-6 वर्षों से बिरयानी और अन्य नॉन-वेज व्यंजन बेच रहे हैं, और पहले कभी प्रशासन से कोई परेशानी नहीं हुई।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनके पास आवश्यक लाइसेंस नहीं हैं। स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने इस कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया। एक निवासी ने कहा, "हम किसी पर नॉन-वेज थोप नहीं रहे, फिर भी हमें निशाना बनाया जा रहा है।"
स्थानीय निवासी ने आरोप लगाया कि बीजेपी केवल चुनावी लाभ के लिए ऐसे मुद्दे उठा रही है। "गरीब लोग ईमानदारी से अपनी रोजी-रोटी कमा रहे हैं। किसी को कोई दिक्कत नहीं है, बस बीजेपी को ही है। पहले आपने एक घर मुस्लिम को बेचा, अब जब उन्होंने कुछ और घर खरीद लिए हैं, तो आप उन्हें निकालना चाहते हैं?"
गली नंबर 5 में केवल दो दुकानदारों ने मीडिया से बात की, जबकि बाकी चुप्पी साधे हुए हैं। प्रशासन की अगली कार्रवाई को लेकर पूरे इलाके में चिंता और सन्नाटा है। दूसरी ओर, गली में रहने वाले हिंदू परिवारों ने कहा कि उन्हें मुस्लिम समुदाय से कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन नॉन-वेज दुकानों के कारण गली में भीड़ बढ़ गई है, जिससे गंदगी फैलती है और कई बार असामाजिक तत्व भी सक्रिय हो जाते हैं।
एक महिला ने बताया, "भीड़-भाड़ में कई बार बहन-बेटियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं होती हैं। शायद यही वजह रही होगी कि कुछ लोगों ने प्रशासन से शिकायत की है।"





