इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अरविंदर सिंह लवली ने कहा,
"यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि AAP सरकार संविधान द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं में बाधा डाल रही है। सीएजी (कैग) रिपोर्ट को पेश करना एक संवैधानिक आवश्यकता है, लेकिन इसे बाधित करके वे बाबा साहब अंबेडकर के सपनों को नष्ट कर रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा,
"सरकार बनाने के बाद इन्होंने निर्णय लिया कि कोई भी सीएजी रिपोर्ट पेश नहीं की जाएगी। इससे बड़ा दुर्भाग्य और कुछ नहीं हो सकता। एक तरफ ये बाबा साहब के नारे लगाते हैं, दूसरी ओर उन्हीं के आदर्शों का अपमान कर रहे हैं।"
दिल्ली सरकार को शराब नीति से 2000 करोड़ रुपये का नुकसान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में दिल्ली आबकारी नीति पर कैग की रिपोर्ट पेश की।
इस रिपोर्ट में बताया गया कि
"दिल्ली में शराब के विनियमन और आपूर्ति पर प्रदर्शन ऑडिट 2017-18 से 2020-21 तक चार वर्षों को कवर करता है। इसमें राजधानी में भारत में निर्मित विदेशी शराब (IMFL) और विदेशी शराब के विनियमन और आपूर्ति की जांच की गई है।" रिपोर्ट में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
इसमें यह निष्कर्ष निकाला गया कि 2021-2022 की आबकारी नीति के कारण दिल्ली सरकार को 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।
कैग रिपोर्ट के मुताबिक,
"आबकारी विभाग की नीतियों में कई खामियां थीं, जिससे शराब की आपूर्ति और निगरानी में गड़बड़ियां हुईं। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, इन खामियों के चलते सरकार को कुल 2,026.91 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ।" इस रिपोर्ट के बाद भाजपा ने AAP सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से जवाब मांग रही है। वहीं, AAP सरकार का दावा है कि नई आबकारी नीति पारदर्शी थी और भ्रष्टाचार रोकने के लिए लागू की गई थी।
Read This Also:- दिल्ली में मिली करारी हार के बाद सांसद बनने की तैयारी में केजरीवाल, सांसद को उतारा विधानसभा उपचुनाव में
Read This Also:- दिल्ली में मिली करारी हार के बाद सांसद बनने की तैयारी में केजरीवाल, सांसद को उतारा विधानसभा उपचुनाव में





