आतिशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "भाजपा वालों ने सत्ता में आते ही तानाशाही की हदें पार कर दीं। आम आदमी पार्टी के विधायकों को 'जय भीम' का नारा लगाने पर तीन दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया। और आज 'आप' विधायकों को विधानसभा परिसर में घुसने भी नहीं दिया जा रहा। दिल्ली विधानसभा के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि चुने हुए विधायकों को विधानसभा में प्रवेश तक नहीं करने दिया जा रहा हो।"
बीजेपी की सफाई – अनुशासनहीनता की सजा
इस पूरे घटनाक्रम पर दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि जब उपराज्यपाल सदन को संबोधित कर रहे थे, तब आप विधायक सदन में नारेबाजी कर रहे थे। उन्होंने इसे अनुशासनहीनता करार देते हुए कहा कि "जब उपराज्यपाल सदन को संबोधित कर रहे हों तो कोई विधायक इस तरह नारे नहीं लगा सकता। अगर वे कानून का उल्लंघन करेंगे, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए अच्छा संकेत नहीं है।"
गौरतलब है कि शराब नीति घोटाले पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट आने के बाद सदन में भारी हंगामा हुआ था। इसी हंगामे के चलते दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों को निलंबित कर दिया। निलंबन के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित कई शीर्ष नेताओं पर शिकंजा कस गया और कई को जेल भेज दिया गया। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इस पूरे घटनाक्रम को तानाशाही करार दिया और कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा दिल्ली में विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए इस तरह के कदम उठा रही है।
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