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दीपेंद्र सिंह हुड्डा की तरफ़ से प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार निशित कटारिया की गुरुग्राम नगर निगम चुनाव में हार

हरियाणा में 2 मार्च को हुए गुरुग्राम नगर निगम चुनाव 2025 के लिए वोटों की गिनती आज हो रही है। इस बीच, खबर आ रही है कि वार्ड नंबर 36 से कांग्रेस के |

दीपेंद्र सिंह हुड्डा की तरफ़ से प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार निशित कटारिया की गुरुग्राम नगर निगम चुनाव में हार
फोटो: दीपेंद्र सिंह हुड्डा की तरफ़ से प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार निशित कटारिया की गुरुग्राम नगर निगम चुनाव में हार
हरियाणा में 2 मार्च को हुए गुरुग्राम नगर निगम चुनाव 2025 के लिए वोटों की गिनती आज हो रही है। इस बीच, खबर आ रही है कि वार्ड नंबर 36 से कांग्रेस के उम्मीदवार निशित कटारिया को हार का सामना करना पड़ा है। यह परिणाम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि निशित कटारिया हरियाणा युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद के भी उम्मीदवार हैं, जिसके लिए 15 मार्च तक वोटिंग की प्रक्रिया जारी रहेगी। बीजेपी के उम्मीदवार रेखा को 5516, कांग्रेस उम्मीदवार निशित कटारिया को 5091, निर्दलीय उम्मीदवार भगत सिंह को 2144 वोट हासिल हुए। इसके अलावा निर्दलीय लड़ रहे मोहित सैनी और विमलेश को क्रमशः 118, 847 वोट प्राप्त हुआ। निशित को प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए दीपेंद्र सिंह हुड्डा की तरफ़ से समर्थन भी प्राप्त है, जो उनके राजनीतिक भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू साबित हो सकता है।

गुरुग्राम नगर निगम चुनाव में मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा था। केवल 41.8% पात्र मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया। यह मतदान प्रतिशत इस बात का संकेत है कि चुनावी प्रक्रिया में लोगों की सक्रिय भागीदारी अपेक्षाकृत कम थी। गौरतलब है कि यह चुनाव 27 महीने बाद हो रहा था, क्योंकि पिछला निर्वाचित सदन 2022 में अपना कार्यकाल पूरा कर चुका था। इस अंतराल के बाद जब चुनाव हुए तो मतदाता अपेक्षाकृत कम संख्या में मतदान के लिए पहुंचे। एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बार गुरुग्राम के मतदाताओं ने पहली बार सीधे अपने मेयर का चुनाव किया। इससे पहले, मेयर के चुनाव के लिए पार्षदों द्वारा प्रतिनिधि चुने जाते थे, लेकिन इस बार मेयर का चुनाव सीधे लोगों के वोटों से किया गया, जिससे चुनाव की प्रक्रिया और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई। 

ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए ऐसे उम्मीदवार को खड़ा किया जा रहा है जो नगर निगम चुनाव में जीत हासिल नहीं कर सके है। यह कोई पहला मामला नहीं है कि चुनाव में उम्मीदवारों की क़ाबिलियत को लेकर सवाल उठे है। इस पहले हरियाणा में विधानसभा चुनाव में जिन उम्मीदवारों को उतारा गया था, उससे सिरसा से सांसद और कांग्रेस की बड़ी नेता कुमारी शैलजा की ख़ास तौर पर नाराज़गी देखी गयी थी। शैलजा का आरोप था कि उम्मीदवारों को योग्यता के आधार पर नहीं बल्कि निजी संबंधों के आधार पर टिकट दिया गया था।

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