ईडी के विशेष वकील जोहेब हुसैन ने अदालत में कहा कि यह राशि अपराध की आय के रूप में योग्य है, क्योंकि यह सीधे या परोक्ष रूप से आपराधिक गतिविधियों से प्राप्त हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि अपराध की आय में केवल संपत्ति ही नहीं, बल्कि उससे उत्पन्न किराया और लाभ भी शामिल होता है।
वकील हुसैन के अनुसार, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (YIL) में 76% की हिस्सेदारी है और वे कथित रूप से ट्रस्ट का उल्लंघन करने के दोषी हैं। ईडी ने दावा किया कि यंग इंडियन ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से महज 50 लाख रुपये में 90.25 करोड़ रुपये की संपत्तियां अधिग्रहित कर लीं, जो आपराधिक साजिश का हिस्सा है।
पिछले महीने दाखिल चार्जशीट में ईडी ने सोनिया गांधी को मुख्य आरोपी (Accused No. 1) और राहुल गांधी को दूसरे नंबर का आरोपी (Accused No. 2) बताया है। आरोप पत्र पीएमएलए (PMLA) की विभिन्न धाराओं के तहत दाखिल किया गया है और इसमें कुल 988 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।
एजेंसी ने 2017 के आयकर विभाग के मूल्यांकन आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने AJL की संपत्तियों पर कब्जा जमाने के लिए साजिश रची। इन संपत्तियों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 2,000 करोड़ रुपये है।





