कमलनाथ ने प्रदेशभर से आए नेताओं को संबोधित करते हुए कहा, "एमपी की वास्तविक स्थिति आप सभी के सामने है। प्रत्येक क्षेत्र में घोटाले हो रहे हैं। जनता महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त है। किसानों को न तो फसलों के उचित दाम मिल रहे हैं और न ही खाद की उपलब्धता है।" इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, अजय सिंह, कमलेश्वर पटेल और मीनाक्षी नटराजन भी उपस्थित थे।
मणिपुर मुद्दे पर BJP को घेरा
पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने कहा, "मणिपुर जल रहा है। बंग्लादेश में हिंदुओं की हत्याएं हो रही हैं। देशभर में जाति और धर्म के नाम पर विभाजन किया जा रहा है। भाजपा और आरएसएस प्रत्येक मस्जिद के नीचे मंदिर खोजने में लगी है। आष्टा के परमार दंपति को ईडी और आयकर विभाग का भय दिखाकर आत्महत्या के लिए विवश किया गया, केवल इसलिए कि उनके बच्चों ने राहुल गांधी को गुल्लक भेंट की थी। मैं उन बच्चों को आश्वासन देता हूं कि उनकी शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।"
पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने कहा, "कांग्रेस के साहसी कार्यकर्ता आज प्रदेश की निकम्मी सरकार के विरुद्ध एकजुट हुए हैं। प्रदेश के किसान, युवा, महिलाएं और आदिवासी-दलित अपनी मांगों को लेकर व्यथित हैं। किसानों को धान का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। धान जो पहले 4,500 रुपए प्रति क्विंटल बिकता था, आज वह 2,000 रुपए प्रति क्विंटल पर बेचने को मजबूर हैं। सोयाबीन केवल 4,000 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है। कमलनाथ सरकार ने 24 लाख किसानों का 14,000 करोड़ का कर्ज माफ किया था। मनमोहन सरकार ने भी देशभर के किसानों का कर्ज माफ किया था, लेकिन अब उनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं है।"
हेमंत कटारे ने कहा, "मोहन सरकार ने युवाओं को रोजगार देने की बजाय नशे के कारोबार में धकेल दिया है। भोपाल में 8,500 करोड़ की मादक पदार्थ जब्त की गई है। जेल प्रहरी की परीक्षा में अधिकतम 100 अंक होते हैं, लेकिन एक अभ्यर्थी को 101 अंक दिए गए।"





