कार्ति चिदंबरम ने कहा कि देश के सामने जब इतना बड़ा आतंकी हमला हुआ हो, और जब जवाब में एक बड़ी सैन्य कार्रवाई की गई हो, तो यह जरूरी है कि लोकतंत्र के सबसे बड़े मंच यानी संसद में इस पर चर्चा हो। उनका कहना था कि यदि सभी सूचनाएं साझा करना संभव न हो, तब भी सरकार को कम से कम प्रमुख तथ्यों और रणनीतिक रुख को देश के प्रतिनिधियों के सामने रखना चाहिए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकार दो दिवसीय विशेष सत्र आयोजित करे, जिसमें प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री दोनों उपस्थित होकर संसद के माध्यम से देश को हालात से अवगत कराएं। इससे न केवल सरकार की पारदर्शिता सिद्ध होगी, बल्कि विपक्ष और जनता दोनों को आश्वस्त किया जा सकेगा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में गंभीरता से काम लिया जा रहा है।
पृष्ठभूमि में अगर देखा जाए, तो यह मांग उस आतंकी हमले के बाद उठ रही है जिसमें 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम इलाके में भारी जान-माल का नुकसान हुआ था। इस हमले में कुल 26 लोगों की जान गई थी। इस हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के आतंकी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की, जिसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया। इसमें बड़ी संख्या में आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। इसके जवाब में पाकिस्तान की ओर से भी हमले की कोशिश की गई, लेकिन भारतीय सुरक्षा प्रणाली ने उन्हें विफल कर दिया।
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की मांग, सरकार संसद में रखे ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्षविराम के बावजूद देश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इस घटनाक्रम ने विपक्षी दलों को |
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्षविराम के बावजूद देश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इस घटनाक्रम ने विपक्षी दलों को सरकार से जवाबदेही की मांग करने का एक और अवसर दे दिया है। विपक्ष की ओर से बार-बार यह मांग उठ रही है कि केंद्र सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाए ताकि देश की जनता को पहलगाम हमले, उससे संबंधित सुरक्षा चूक और भारत की सैन्य कार्रवाई की पूरी जानकारी मिल सके।
इसी क्रम में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह इस मुद्दे पर संसद को संबोधित करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में सरकार के साथ खड़ी है, लेकिन देश की जनता को भी यह जानने का अधिकार है कि आखिर पहलगाम में हमला कैसे हुआ, सुरक्षा में कहां कमी रही, और सरकार की आगे की रणनीति क्या है।




