Molitics Logo
होम मोदी सरकार की विदेश नीति से प्रभावित हुए कांग्रेस नेता शशि थरूर, पाकिस्तान पर रखा सख्त रुख

मोदी सरकार की विदेश नीति से प्रभावित हुए कांग्रेस नेता शशि थरूर, पाकिस्तान पर रखा सख्त रुख

नई दिल्ली के 'फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट क्लब' FCC में आयोजित एक संवाद के दौरान, भारत-पाकिस्तान संबंधों पर पूछे गए सवाल के जवाब में थरूर ने कहा कि वह हमेशा से शांति |

मोदी सरकार की विदेश नीति से प्रभावित हुए कांग्रेस नेता शशि थरूर, पाकिस्तान पर रखा सख्त रुख
फोटो: Modi government, Shashi Tharoor
कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर सहमति जताई है और पाकिस्तान को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर के रुख का समर्थन किया है। उन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमले और 2016 के पठानकोट हमले को ‘विश्वासघात’ करार देते हुए पाकिस्तान के साथ मौजूदा हालात में बातचीत की संभावना से इनकार किया। शशि थरूर ने सोमवार को स्पष्ट किया कि इस समय पाकिस्तान के साथ बिना शर्त बातचीत नहीं हो सकती, क्योंकि कोई भी यह दिखावा नहीं कर सकता कि जैसे कुछ हुआ ही नहीं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि लोगों के बीच आपसी संबंध और संवाद की वकालत की जानी चाहिए।

"वास्तविकता ने मुझे ठगा" – शशि थरूर


नई दिल्ली के 'फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट क्लब' (FCC) में आयोजित एक संवाद के दौरान, भारत-पाकिस्तान संबंधों पर पूछे गए सवाल के जवाब में थरूर ने कहा कि वह हमेशा से शांति समर्थक रहे हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों ने उनके नजरिए को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, "बात न करना भी कोई नीति नहीं हो सकती, लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जिनके बाद बातचीत जारी रखना मुश्किल हो जाता है।"

26/11 हमले का जिक्र करते हुए थरूर ने कहा, "जब मुंबई हमला हुआ, तब भारत और पाकिस्तान बातचीत के दौर में थे। लेकिन ऐसे हालात में बातचीत जारी रखना नामुमकिन था।" उन्होंने विदेश मंत्री जयशंकर की बात से सहमति जताते हुए कहा कि भारत का रुख स्वाभाविक रूप से सतर्क और सख्त होना चाहिए।

अमेरिका से भारतीय अप्रवासियों की वापसी पर जताई चिंता


थरूर ने अमेरिका से भारतीय अप्रवासियों को जबरन देश वापस भेजे जाने पर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह मामला भारत के लिए बेहद संवेदनशील है और इससे स्वाभाविक रूप से आक्रोश और असंतोष पैदा हुआ है। भारत सरकार को इस मुद्दे पर वाशिंगटन के साथ उचित और कूटनीतिक तरीके से संवाद करना चाहिए। थरूर के इस बयान को कांग्रेस के अंदर और बाहर कई राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह मोदी सरकार की विदेश नीति को अप्रत्यक्ष समर्थन देता नजर आता है।

Read This Also:- "सतत विकास के लिए एआई को सही दिशा में ले जाना जरूरी" - पेरिस में पीएम मोदी