“कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये आतंकी ही दिसंबर 2023 में पुंछ और अक्टूबर 2024 में गगनगीर और गुलमर्ग में हुए हमलों में भी शामिल थे – और आज तक इन रिपोर्टों का खंडन नहीं हुआ है।”
रमेश ने मणिपुर की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन विफल साबित हुआ है।
“मणिपुर अभी भी जल रहा है। कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। आम लोग बेहद कठिन हालात से जूझ रहे हैं, और चारों ओर निराशा और ग़ुस्से का माहौल है।”
कांग्रेस सांसद ने गृह मंत्री के कार्यकाल पर भी सवाल उठाए, “अमित शाह न तो पहलगाम के आतंकियों को पकड़ पाए और न ही मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल कर सके। इसके बावजूद वे उपलब्धियों का डिंडोरा पीटते हैं। स्वतंत्र भारत के इतिहास में शायद ही कोई ऐसा गृह मंत्री रहा हो जिसका कार्यकाल शेखी बघारने और नाकामियों से भरा रहा हो। हां, अगर उन्होंने अपने बेटे के लिए कुछ हासिल किया हो तो वो अलग बात है।”
गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि
“#11YearsOfSeva राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ है। नक्सलवाद अंतिम चरण में है, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में शांति आई है, और भारत अब आतंकवादियों को घर में घुसकर जवाब देता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि “मोदी 3.0 का नया भारत रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की शक्ति के साथ आत्मनिर्भरता और विकास की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।”





