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चंद्रशेखर आजाद का वक्फ कानून के विरुद्ध बिगुल, देशभर में चलाएंगे जन आंदोलन

वक्फ से संबंधित नए कानून को लेकर विरोध की कमान संभालते हुए सांसद चंद्रशेखर आजाद ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी *आजाद समाज पार्टी* इस कानून के खिलाफ पूरे |

चंद्रशेखर आजाद का वक्फ कानून के विरुद्ध बिगुल, देशभर में चलाएंगे जन आंदोलन
फोटो: चंद्रशेखर आजाद का वक्फ कानून के विरुद्ध बिगुल, देशभर में चलाएंगे जन आंदोलन
वक्फ से संबंधित नए कानून को लेकर विरोध की कमान संभालते हुए सांसद चंद्रशेखर आजाद ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी *आजाद समाज पार्टी* इस कानून के खिलाफ पूरे देश में व्यापक और सुनियोजित आंदोलन चलाएगी। उन्होंने कहा कि यह कानून न सिर्फ धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि भारत के संविधान की मूल आत्मा के खिलाफ भी है। इसी उद्देश्य से एक *समन्वय समिति* का गठन किया गया है, जो इस कानून के हर पहलू—सामाजिक, धार्मिक, संवैधानिक और कानूनी प्रभावों—का गहन अध्ययन करेगी और जनजागरण की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगी। यह समिति देशभर में ज़मीनी स्तर पर अभियान चलाकर जनता से सीधा संवाद स्थापित करेगी। 

इसके अंतर्गत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जाकर लोगों को इस कानून के निहितार्थों से अवगत कराया जाएगा। समिति द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में प्रेस वार्ताएं, जनसभाएं, जन संवाद कार्यक्रम और सोशल मीडिया अभियान आयोजित किए जाएंगे, ताकि आम जनता को इस कानून की वास्तविकता से अवगत कराया जा सके और जनमत तैयार किया जा सके। चंद्रशेखर आजाद ने एक वीडियो संदेश जारी कर आंदोलन की पूरी रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह संविधान के दायरे में रहकर लड़ा जाएगा। अगर ज़रूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी, लेकिन साथ ही सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन भी किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का मकसद किसी भी कमजोर और शोषित व्यक्ति को अकेला नहीं छोड़ना है। "हम हर उस व्यक्ति के साथ खड़े होंगे, जो इस कानून से प्रभावित है," उन्होंने कहा। आंदोलन को व्यापक जन समर्थन देने के लिए *हस्ताक्षर अभियान* भी चलाया जाएगा। कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों से हस्ताक्षर करवाएंगे और इन करोड़ों हस्ताक्षरों को एक ज्ञापन के साथ राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से यह मांग रखी जाएगी कि सरकार इस कानून को वापस ले, क्योंकि यह करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।

 चंद्रशेखर आजाद ने कहा, "हमने पहले दिन से ही इस कानून का विरोध दर्ज कराया है। अब जब यह कानून पास हो गया है, तब भी हम अपने विरोध के संकल्प पर अडिग हैं। यह केवल एक राजनीतिक आंदोलन नहीं है, बल्कि यह न्याय, अधिकार और संविधान की रक्षा का आंदोलन है।" उन्होंने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की है कि वे बिना देर किए इस आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाएं। "जिस-जिस को जहां-जहां जिम्मेदारी सौंपी गई है, वे तुरंत मैदान में उतरें। यह केवल एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश के न्यायप्रिय नागरिकों का संघर्ष है," उन्होंने कहा। चंद्रशेखर आजाद और उनकी पार्टी *भीम आर्मी* इस आंदोलन को जन आंदोलन का रूप देने की दिशा में अग्रसर हैं, ताकि सरकार को यह स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि होती है। पार्टी का उद्देश्य है कि इस कानून को लोकतांत्रिक, कानूनी और जनदबाव के माध्यम से निरस्त कराया जाए।