गिरिराज सिंह, जो नरेंद्र मोदी सरकार में कपड़ा मंत्री और बेगूसराय से सांसद हैं, ने यह बयान दिया कि लालू प्रसाद यादव ने भ्रष्टाचार के माध्यम से विश्वभर में एक पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि लालू जी ने भ्रष्टाचार की महिमा को दुनियाभर में फैलाया है, और यही कारण है कि उन्हें यूएनओ से सम्मान मिलना चाहिए, क्योंकि उनकी गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुई हैं। गिरिराज सिंह ने यह भी कहा कि लालू जी के कामों के कारण ही उन्हें 'देश का रत्न' नहीं, बल्कि 'संयुक्त राष्ट्र रत्न' मिलना चाहिए।
गिरिराज सिंह का यह बयान राजनीतिक हलकों में एक नई बहस को जन्म दे रहा है और यह माना जा रहा है कि राजद की ओर से इस पर तीखी प्रतिक्रिया आ सकती है। दरअसल, इससे पहले, बुधवार को गिरिराज सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक बेहतरीन नेता बताते हुए उन्हें भारत रत्न देने की मांग की थी। गिरिराज सिंह ने कहा था कि नीतीश कुमार ने बिहार के विकास में अहम भूमिका निभाई है और उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलना चाहिए। गिरिराज सिंह ने पहले नीतीश कुमार को अपना नेता बताया और फिर केंद्र सरकार से उनकी मांग रखी, जो अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है।
राजद ने गिरिराज सिंह की इस मांग को हास्यास्पद बताते हुए आलोचना की। पार्टी ने सवाल उठाया कि जब दोनों ही सरकारों में बीजेपी की भागीदारी है, तो वह यह सम्मान किससे मांग रहे हैं? राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, "भारत रत्न क्या, गिरिराज सिंह को तो नोबेल पुरस्कार की मांग करनी चाहिए," इस तरह उन्होंने गिरिराज सिंह की मांग का मजाक उड़ाया।
राजद का यह बयान इस बात को और स्पष्ट करता है कि इस सियासी मुद्दे पर दोनों दलों के बीच तीव्र विरोधाभास मौजूद है। अब देखना यह होगा कि गिरिराज सिंह के बयान पर राजद और अन्य विपक्षी दल किस तरह से प्रतिक्रिया देते हैं, और क्या यह विवाद आगे और बढ़ता है।





