इधर, पुलिस ने बताया है कि हत्या के पीछे का मक़सद फिलहाल स्पष्ट नहीं है। दोषियों को पकड़ने के लिए गहन तलाशी अभियान जारी है। चेन्नई उत्तर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक असरा गर्ग ने कहा कि जांच के लिए दस टीमें गठित की गयी हैं। ख़बरों के मुताबिक़, पुलिस आर्मस्ट्रॉन्ग की हत्या को गैंगस्टर सुरेश के मर्डर से जोड़कर देख रही है। सुरेश की पिछली साल हत्या दी गयी थी। पुलिस ने आशंका जतायी है कि आर्मस्ट्रॉन्ग की हत्या बदले की भावना का परिणाम हो सकती है।
वहीं, बीएसपी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि आर्मस्ट्रॉन्ग की नृशंस हत्या अति दुखद और अति निंदनीय है। पेशे से वकील आर्मस्ट्रॉन्ग राज्य में दलितों की सशक्त आवाज़ के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दोषियों के खिलाफ बिना किसी देरी से कार्रवाई करें।
राहुल गाँधी और मुख्यमंत्री स्टालिन ने क्या कहा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि आर्मस्ट्रॉन्ग की क्रूर हत्या से उन्हें गहरा सदमा लगा है। राहुल ने विश्वास जताया है कि जल्द ही दोषियों को न्याय के कठघरे में लाया जायेगा। उन्होंने कहा कि वह एमके स्टालिन और तमिलनाडु कांग्रेस के साथ लगातार संपर्क में हैं।
एमके स्टालिन ने आर्मस्ट्रॉन्ग की हत्या पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने हत्या में शामिल लोगों को रातोंरात गिरफ़्तार कर लिया है। साथ ही पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया है कि दोषियों को शीघ्र ही क़ानून के तहत सजा दी जाये।
बीजेपी ने क्या कहा
हत्या पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा तमिलनाडु प्रमुख अन्नामलाई ने राज्य में बढ़ती हिंसा को लेकर एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बीएसपी प्रदेश अध्यक्ष आर्मस्ट्रांग की नृशंस हत्या की खबर से उन्हें गहरा सदमा लगा है। हिंसा और क्रूरता का हमारे समाज में कोई स्थान नहीं है, लेकिन डीएमके शासन के तहत पिछले 3 वर्षों में तमिलनाडु में यह आम हो गया है। राज्य की कानून-व्यवस्था को तहस-नहस कर देने के बाद, एमके स्टालिन को खुद से पूछना चाहिए कि
क्या उनके पास राज्य के सीएम के रूप में बने रहने की नैतिक जिम्मेदारी है?
एआईएडीएमके ने तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था की स्थिति को खराब करने के लिए डीएमके सरकार की आलोचना की है। एआईएडीएमके प्रमुख़ और पूर्व मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने कहा कि जब एक राष्ट्रीय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की हत्या हो जाती है, तो डीएमके सरकार के तहत कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में क्या ही कहा जा सकता है।





