ब्रजेश पाठक ने आगे लिखा कि उन्होंने अखिलेश यादव से समाजवादी पार्टी के 'डीएनए' पर सवाल किया था, लेकिन सीधा जवाब देने के बजाय गोलमोल बातें की जा रही हैं। उन्होंने लिखा,
"यदि आपके पास जवाब नहीं है तो स्वीकार करिए, क्षमा मांगिए और आगे बढ़िए। लेकिन बार-बार विषय बदलने से आप और अधिक उजागर हो रहे हैं।"
डिप्टी सीएम ने समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर ‘डीएनए’ की बात शुरू हुई तो अतीत के कई विवाद स्वतः उजागर हो सकते हैं। उन्होंने लिखा, "फिर अतीक और मुख्तार जैसे चेहरों की तस्वीरें सामने आएंगी, फिर मुज़फ्फरनगर दंगे और राममंदिर आंदोलन के समय हुई घटनाओं की यादें ताज़ा होंगी, फिर खनन घोटाले और गोमती रिवरफ्रंट जैसे मुद्दे उठेंगे।"
ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव को सीधे संबोधित करते हुए लिखा, "यदि आप चाहें तो मैं समाजवादी पार्टी के डीएनए पर एक पूरी थीसिस लिखवाकर आपके पास भेज सकता हूं। उसे पढ़ते रहिएगा, ताकि आप अपनी असलियत पहचान सकें। कृपया मेरी बात का गलत अर्थ न निकालें, मैं आपका शुभचिंतक हूं और सच्ची सलाह दे रहा हूं।" अपने विभाग को लेकर उठे सवालों पर जवाब देते हुए डिप्टी सीएम ने अखिलेश को जनता दर्शन में आमंत्रित किया।
उन्होंने कहा, "आप चाहें तो किसी दिन मेरे सुबह के जनता दर्शन में आ जाइए। वहां आप देख सकेंगे कि मैं रोज सैकड़ों लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करता हूं। मैं आपको आपके शासनकाल की समाजवादी एंबुलेंस सेवा की भी याद दिला सकता हूं, जिसकी शिकायतें खुद आपकी कैबिनेट में उठती थीं।" उन्होंने अंत में जोड़ा, "अगर अब भी समाजवादी पार्टी के डीएनए से जुड़ी कोई शंका बाकी हो, तो आप बेहिचक पूछ सकते हैं। मैं आपके सभी भ्रम दूर करने को तत्पर हूं।"





