महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने पर जोर
अध्यक्ष मोयॉन्ग ने बताया कि मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने उनसे आग्रह किया है कि वे महिलाओं को 2029 के विधानसभा चुनावों के लिए तैयार करें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अगले चुनाव में मौजूदा विधायकों और मंत्रियों के जीवनसाथियों को पार्टी टिकट नहीं दिया जाएगा। यह कदम राजनीति में नए चेहरे लाने और महिलाओं को घरों से बाहर निकलकर सत्ता का हिस्सा बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
कलिंग मोयॉन्ग ने कहा, "राज्य की महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। राजनीति में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक और राजनीतिक बाधाओं को खत्म करना आवश्यक है।" उन्होंने भरोसा जताया कि महिलाएं राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बनाएंगी।
पार्टी को मजबूत बनाने की रणनीति
नए अध्यक्ष ने राज्य में पार्टी संगठन को और मजबूत बनाने की रणनीतियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पार्टी नीतियों और राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाएगी। मोयॉन्ग ने यह भी सुनिश्चित किया कि समाज के अंतिम व्यक्ति का कल्याण पार्टी की प्राथमिकता होगी। इसके लिए पार्टी और राज्य सरकार के बीच समन्वय को मजबूत किया जाएगा।
मोयॉन्ग ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "राज्य इकाई का अध्यक्ष बनना मेरे लिए गर्व की बात है। मैं समर्पण और टीम वर्क के साथ पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का प्रयास करूंगा।" उन्होंने राज्य स्तर से बूथ स्तर तक के पार्टी पदाधिकारियों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों का दौरा करने की घोषणा भी की।
भाजपा की अरुणाचल प्रदेश इकाई का यह एलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की महिला सशक्तिकरण की नीति के तहत एक महत्वपूर्ण पहल है। 2023 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा महिला आरक्षण विधेयक को मंजूरी दी गई थी, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने हाल ही में घोषणा की थी कि 2029 के विधानसभा चुनाव में भाजपा 20 महिला उम्मीदवारों को टिकट देगी।
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