यमुना की सफाई में दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, और एक चार प्वाइंट रणनीति पर काम किया जा रहा है। इस अभियान में बड़े पैमाने पर ट्रैश स्किमर्स का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो यमुना के पानी को साफ करने में मदद कर रहे हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि एलजी वीके सक्सेना ने चीफ सेकरेट्री के साथ एक अहम बैठक की थी, जिसके बाद नई गाइडलाइन्स जारी की गई हैं।
इस नई रणनीति के तहत, सबसे पहले यमुना से कचरा और गाद को हटाने का कार्य प्राथमिकता दी गई है। इसके बाद, नालों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, चाहे वह नजफगढ़ नाला हो या अन्य सप्लीमेंट्री नाले, सभी को एक साथ साफ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सीवेज उपचार संयंत्र (एसटीपी) की निगरानी को मजबूत किया जाएगा, और नए एसटीपी निर्माण की योजना भी बनाई गई है।
नई रणनीति के तहत यमुना की सफाई में अब मल्टी-एजेंसी मॉनिटरिंग प्रणाली लागू की जाएगी, जिसमें दिल्ली जल बोर्ड, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली नगर निगम, पर्यावरण विभाग, लोक निर्माण विभाग और दिल्ली विकास प्राधिकरण जैसी प्रमुख एजेंसियां शामिल होंगी। ये सभी मिलकर इस महत्वपूर्ण काम को प्रभावी ढंग से पूरा करने में अपनी भूमिका निभाएंगे, जिससे यमुना को जल्द ही प्रदूषण से मुक्त किया जा सके।
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