Molitics Logo
होम तेजप्रताप विवाद पर बीजेपी नेता का तंज: 'अजीब दास्तां है ये... पार्टी और परिवार में फर्क ही नहीं'

तेजप्रताप विवाद पर बीजेपी नेता का तंज: 'अजीब दास्तां है ये... पार्टी और परिवार में फर्क ही नहीं'

पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "यह इनका पारिवारिक मामला है, लेकिन चूंकि पार्टी और परिवार में फर्क ही नहीं है |

तेजप्रताप विवाद पर बीजेपी नेता का तंज: 'अजीब दास्तां है ये... पार्टी और परिवार में फर्क ही नहीं'
फोटो: तेजप्रताप विवाद पर बीजेपी नेता का तंज: 'अजीब दास्तां है ये... पार्टी और परिवार में फर्क ही नहीं'
आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव इन दिनों अपने एक नए विवादित मामले को लेकर सुर्खियों में हैं। यह विवाद अब महज़ व्यक्तिगत नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक भूचाल का रूप ले चुका है, जिसने न सिर्फ आरजेडी पार्टी के भीतर हलचल मचा दी है, बल्कि विपक्षी दलों को भी हमला बोलने का मौका दे दिया है। तेजप्रताप यादव और एक युवती की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। अब तक दो महिलाओं के साथ नाम जुड़ने के बाद, इस पूरे विवाद में तीसरी युवती के नाम के सामने आने से मामला और भी पेचीदा हो गया है। इन तस्वीरों और वीडियो को लेकर आरजेडी की छवि पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे नीति और नैतिकता का पतन बता रहा है।

तेजप्रताप यादव को लेकर मचे घमासान के बीच, आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपने बेटे को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इस फैसले ने पूरे राजनीतिक घटनाक्रम को और ज्यादा गंभीर बना दिया है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या तेजप्रताप को विधायक के रूप में भी अपना दर्जा गंवाना पड़ सकता है? पार्टी सूत्रों का कहना है कि लालू प्रसाद यादव ने यह फैसला पार्टी की छवि को बचाने और तेजस्वी यादव के नेतृत्व को सुरक्षित रखने के लिए लिया है। वहीं यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि लालू परिवार के भीतर इस पूरे मामले को लेकर पहले से ही असहमति थी और संभव है कि तेजप्रताप ने यह सब कुछ पारिवारिक सहमति के बिना किया हो।

इस प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "यह इनका पारिवारिक मामला है, लेकिन चूंकि पार्टी और परिवार में फर्क ही नहीं है, इसलिए राजनीतिक असर होना लाज़मी है। पार्टी में इस तरह की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। हम क्या कहें, पूरा देश कह रहा है—‘अजीब दास्तां है ये, कहां शुरू कहां खत्म…’" जेडीयू ने भी इस मसले पर तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उनसे औपचारिक तौर पर यह मांग की है कि वे अपने बड़े भाई को विधायक पद से हटाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखें।

इस पूरे विवाद में एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या तेजप्रताप यादव ने यह सब कुछ परिवार की जानकारी में रहते हुए किया, या यह उनका व्यक्तिगत फैसला था? कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि लालू परिवार के भीतर काफी समय से मतभेद चल रहे हैं और तेजप्रताप लंबे समय से खुद को परिवार और पार्टी की मुख्यधारा से अलग-थलग महसूस कर रहे थे।