मजूमदार ने स्टिंग वीडियो पर क्या कहा
मजूमदार ने स्टिंग वीडियो को जारी करने के समय पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि टीएमसी ने चुनावों के कारण वीडियो को जारी किया है। लेकिन लोगों को बेवकूफ़ नहीं बनाया जा सकता है। लोग राजनीतिक रूप से समझदार है, जनता समझ जायेगी कि राजनीतिक उद्देश्यों को साधने के लिए वीडियो को जारी किया गया है।मजूमदार ने कहा कि वीडियो में आर्टिफिशल तकनीक का इस्तेमाल कर फर्ज़ी वीडियो बनाया गया है। उन्होंने वीडियो में दिख रहे शख़्स को भाजपा मंडल अध्यक्ष मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा असली अध्यक्ष वीडियो में है ही नहीं।
मजूमदार ने कहा कि एक व्यक्ति की बात सुनकर बाकी लोगों के आरोपों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के संदेशखाली न जाने को लेकर भी सवाल खड़े किये हैं। मजूमदार ने ममता को संदेशखाली जाने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा उन्हें दिखायेगी कि कैसे शाहजहां ने ज़मीनों को मछली तालाबों में बदल दिया है।
टीएमसी ने क्या कहा
ममता बनर्जी ने संदेशखाली की घटना को भाजपा का नाटक बताया है। उन्होंने कहा, “सच सभी के सामने आ गया है, काफी समय से कहती हुई आ रही हूं कि यह सब भाजपा की साज़िश है।”
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा, “भाजपा की साज़िश ने बंगाल और पूरे देश को हिला कर रख दिया है, महज़ 2000 हज़ार रुपयों के लिए बंगाल की महिलाओं की इज्ज़त बेच दी गयी।”
संदेशखाली को भाजपा ने बनाया था चुनावी मुद्दा
संदेशखाली में यौन उत्पीड़न की ख़बरें आने के बाद भाजपा ने इसे अपना चुनावी मुद्दा बना लिया है। चुनावों में पीएम मोदी और अमित शाह से लेकर कई बड़े भाजपा नेता संदेशखाली का मुद्दा उठाते हुए आ रहे हैं। यहाँ तक की संदेशखाली की महिलाओं को चुनाव प्रचार में शामिल किया जा रहा है। लेकिन यही भाजपा मणिपुर और कर्नाटक में महिलाओं के यौन उत्पीड़न पर चुप है।
ख़बरों के अनुसार कुछ स्थानीय लोगों ने शाहजहां शेख़ पर ज़बरन ज़मीनों को कब्ज़ाने का तो आरोप लगया है, लेकिन यौन उत्पीड़न पर लोग चुप है। टीएमसी समर्थक लोगों ने तो यौन उत्पीड़न की ख़बरों को झूठा बताया है।





