राबड़ी देवी ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये सभी बेरोजगार युवा हैं, और रोजगार की मांग के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। धरना-प्रदर्शन करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उन पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
राबड़ी देवी ने युवाओं की पीड़ा को व्यक्त करते हुए कहा कि आज का युवा असमंजस में है। बिहार से बाहर जाए तो वहां प्रताड़ना झेलनी पड़ती है, और यहां भी लाठीचार्ज का सामना करना पड़ रहा है। तेजस्वी यादव द्वारा उठाए गए सवालों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता होने के नाते वे आवाज उठाते रहेंगे। सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।
शुक्रवार को अभ्यर्थी 'एक शिफ्ट, एक पेपर' के नारे लगाते हुए तख्तियां लेकर बीपीएससी कार्यालय की ओर बढ़े और बेली रोड पर धरना दे दिया। इससे यातायात लंबे समय तक बाधित रहा। पुलिस ने पहले समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब अभ्यर्थी सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए, तब पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस की कार्रवाई में कई अभ्यर्थी घायल हुए और भागदौड़ में उनके जूते-चप्पल भी छूट गए।





