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Bihar: 'हम जवाब देने को तैयार, लेकिन आप सुनना नहीं चाहते'- विधानसभा में गरजे नीतीश कुमार

दरअसल, RJD विधायकों ने पटना के दो बड़े प्राइवेट स्कूलों—डीपीएस और डीवाई पाटील स्कूल—में कमजोर वर्ग के छात्रों के नामांकन न होने का मुद्दा उठाया।

Bihar: 'हम जवाब देने को तैयार, लेकिन आप सुनना नहीं चाहते'- विधानसभा में गरजे नीतीश कुमार
फोटो: Bihar: 'हम जवाब देने को तैयार, लेकिन आप सुनना नहीं चाहते'- विधानसभा में गरजे नीतीश कुमार
बिहार विधानसभा में मंगलवार को शिक्षा विभाग से जुड़े एक मुद्दे पर जोरदार हंगामा देखने को मिला। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायकों ने सरकार की तीखी आलोचना करते हुए सदन के वेल में पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं, उन्होंने रिपोर्टर्स टेबल को पीटना शुरू कर दिया, जिससे सदन का माहौल और गरमा गया। इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार जवाब देने को तैयार है, लेकिन विपक्ष उसे सुनना ही नहीं चाहता।

प्राइवेट स्कूलों में कमजोर वर्ग के छात्रों का नामांकन न होने पर उठे सवाल


दरअसल, RJD विधायकों ने पटना के दो बड़े प्राइवेट स्कूलों—डीपीएस और डीवाई पाटील स्कूल—में कमजोर वर्ग के छात्रों के नामांकन न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि आखिर सरकार ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है? विपक्ष का कहना था कि ये स्कूल सरकार की नीतियों का उल्लंघन कर रहे हैं, फिर भी उन पर कोई सख्त कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्री ने सदन में जवाब दिया, लेकिन RJD विधायक उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने प्रश्न को स्थगित करने की मांग की, ताकि इस पर आगे विस्तार से चर्चा हो सके। हालांकि, स्पीकर ने प्रश्न स्थगित करने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद विपक्षी विधायक और ज्यादा आक्रोशित हो गए। उन्होंने सदन के वेल में जाकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

विपक्ष के उग्र प्रदर्शन के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी मोर्चा संभाला और विरोधियों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, "सरकार जवाब देना चाहती है, लेकिन विपक्ष उसे सुनना ही नहीं चाहता। आप लोग मेरी शिकायत कर रहे थे, इसलिए हम ताली बजा रहे थे। आप मेरे खिलाफ बोलिए, हम ताली बजाएंगे।" नीतीश कुमार का यह बयान दर्शाता है कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष बिना जवाब सुने ही हंगामा कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने दिए मामले की जांच के आदेश


हालांकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्राइवेट स्कूलों में कमजोर वर्ग के छात्रों के नामांकन न होने के मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने सदन में कहा कि उन्होंने शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द समाधान निकालें। उन्होंने विपक्ष को आश्वासन देते हुए कहा, "हम सरकार में हैं और हमारी प्राथमिकता हमेशा गरीब एवं वंचित वर्ग के छात्रों के हितों की रक्षा करना है। इस मामले में जो भी आवश्यक कदम उठाने होंगे, हम उठाएंगे।"

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