"हम नीतीश कुमार का सम्मान करते हैं, लेकिन वे अब थक चुके हैं"
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, "हम उनका सम्मान करते हैं, वे हमारे बुजुर्ग हैं, लेकिन अब वे बिहार को चलाने में सक्षम नहीं हैं। पिछले 20 सालों से उन्हें मौका दिया गया, लेकिन वे आज भी पुरानी योजनाओं को ही ढो रहे हैं। बिहार की जनता अब कह रही है – बस बहुत हुआ। नीतीश कुमार की विश्वसनीयता लगातार गिर रही है और उनकी छवि भी धूमिल हो रही है। जनता अब ‘खटारा गाड़ी’ नहीं चलाना चाहती, बल्कि नई सोच और ऊर्जा से भरपूर सरकार चाहती है।"
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि यह बिहार सरकार का नहीं बल्कि भाजपा का मंत्रिमंडल विस्तार था। उन्होंने आरोप लगाया कि जेडीयू के बड़े नेताओं का तन भले ही जेडीयू में है, लेकिन उनका मन और दिमाग भाजपा में जा चुका है। उन्होंने कहा, "भाजपा जेडीयू को खत्म करना चाहती है और उसी दिशा में काम कर रही है। लेकिन यह सपना, सपना ही रह जाएगा। बिहार में जदयू, भाजपा और एनडीए का भविष्य खत्म हो चुका है। अगले 10 सालों तक ये सत्ता में वापसी नहीं कर पाएंगे।"
तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर जनता से कट जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री अब जनता से कोई संवाद नहीं कर रहे हैं। उनकी सरकार जनविरोधी बन चुकी है और लोग उनसे ऊब चुके हैं। डबल इंजन की सरकार के बावजूद बिहार में कोई ठोस विकास नहीं हुआ। अब जनता बदलाव के मूड में है और 2025 में नई सरकार बनेगी।"





