बिहार में नीतीश कुमार की सरकार नहीं बनेगी
आलम ने आगे कहा कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार यह संख्या बढ़ सकती है। हर पार्टी अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा रखती है, और सीटों के बंटवारे को लेकर सहयोगी दलों से बातचीत की जाएगी। महागठबंधन की सरकार बनने के बाद कांग्रेस दो डिप्टी सीएम बनाएगी, ताकि हर समाज का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना की तरह बिहार में भी कई डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। आलम ने विश्वास जताया कि इस बार विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार की सरकार का पतन होगा और एनडीए सरकार नहीं बनेगी।
राहुल गांधी का बिहार दौरा और चुनावी रणनीति
राहुल गांधी के लिए यह बिहार दौरा अहम है, क्योंकि वे 18 दिनों के भीतर दूसरी बार राज्य में हैं। चुनावी साल के मद्देनजर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है। आज राहुल गांधी स्वतंत्रता सेनानी और दलित नेता जगलाल चौधरी की जयंती समारोह में शामिल हुए। यह पहली बार है जब कांग्रेस ने खुलकर तेजस्वी यादव के नेतृत्व को स्वीकार किया है। इससे पहले, 18 जनवरी को भी राहुल गांधी पटना आए थे।
बिहार की सियासत में जातीय समीकरण अहम भूमिका निभाता है, और कांग्रेस इस बार दलित वोटबैंक पर खास ध्यान दे रही है। हाल ही में, कांग्रेस ने मुसहर समाज से आने वाले दशरथ मांझी के पुत्र भागीरथ मांझी को पार्टी में शामिल किया। इसके अलावा, स्वतंत्रता सेनानी और दलित नेता रहे जगलाल चौधरी की जयंती पर राहुल गांधी का पटना दौरा, कांग्रेस की रणनीति का अहम हिस्सा है। अब यह देखना होगा कि इन प्रयासों का चुनावी परिणाम पर क्या असर पड़ता है।
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