राजेश कुमार ने दावा किया कि कांग्रेस की सरकार जिन राज्यों में है, वहां पहले से ऐसी योजनाएं लागू की जा चुकी हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों में महिलाओं को आर्थिक मदद देने की योजनाएं पहले से चल रही हैं। कांग्रेस वादा करती है और उसे पूरा भी करती है। जबकि बीजेपी ने बिहार में पहले वादे तो किए, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्हें नकार दिया।”
महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने इस योजना को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा, “मुझे गर्व है कि कांग्रेस की पहली गारंटी महिलाओं के लिए है। 'माई बहिन मान योजना' केवल एक वित्तीय मदद नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और गरिमा को मान्यता देने का संकल्प है।”
गौरतलब है कि इसी तरह का वादा आरजेडी नेता तेजस्वी यादव भी दिसंबर 2024 में कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि 2025 में अगर महागठबंधन की सरकार बनती है तो 'माई बहिन मान योजना' के तहत महिलाओं को ₹2,500 प्रति माह दिए जाएंगे। उनका दावा था कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की जाएगी।





