"वक्फ बिल सरकार की नाकाम नीतियों का नतीजा"
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह किसी एक दिन का निर्णय नहीं है, बल्कि सरकार की लंबे समय से चली आ रही गलत नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने से न केवल मुस्लिम समुदाय में असंतोष फैला है, बल्कि यह सामाजिक समरसता को भी प्रभावित कर सकता है।
मुख्यमंत्री पद को लेकर महागठबंधन में चल रही खींचतान पर भी पप्पू यादव ने प्रतिक्रिया दी। जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस राजेश राम को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाना चाहती है जबकि आरजेडी तेजस्वी यादव के नाम पर अडिग है, तो उन्होंने कहा, "अगर राजेश राम सीएम पद के दावेदार हैं, तो यह स्वागत योग्य है। कोई आपत्ति नहीं है। प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री कोई भी हो, अगर वह दलित-पिछड़े समाज से आता है, तो इससे बेहतर बात क्या हो सकती है?"
जब उनसे जदयू के कई मुस्लिम नेताओं के इस्तीफों पर सवाल पूछा गया, तो पप्पू यादव ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि "बीजेपी ने नीतीश कुमार की पीठ में छुरा घोंपा है।" उन्होंने कहा कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों की रणनीतियां पहले से ही सक्रिय हो चुकी हैं।
राजेश कुमार राम बिहार कांग्रेस के नए अध्यक्ष हैं। वह कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक चुने जा चुके हैं। उनके पिता दिल्केश्वर राम भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं और चंद्रशेखर सिंह तथा भगवत झा आजाद की सरकारों में मंत्री पद संभाल चुके हैं। दलित समुदाय में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है, जिसे कांग्रेस आगामी चुनाव में भुनाने की कोशिश कर रही है।
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