धमकी देने वाले ने मंत्री से यह भी कहा कि वह चाहे डीजीपी से शिकायत करें या पुलिस को जानकारी दें, अगर वह 30 लाख रुपये की मांग पूरी नहीं करेंगे, तो उनका अंजाम भी बाबा सिद्दीकी जैसा ही होगा। इस धमकी के बाद मंत्री ने यह भी कहा कि यह भी हो सकता है कि यह किसी की शरारत हो, क्योंकि जिस नंबर से उन्हें धमकी दी जा रही थी वह भारतीय नहीं था, और फोन करने वाले की आवाज भी काफी अलग थी।
मंत्री संतोष सिंह ने यह बताया कि उन्हें न केवल फोन पर धमकी दी गई, बल्कि एक स्कैनर भी भेजा गया था, जिसमें 30 लाख रुपये भेजने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई थी।
संतोष सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब धमकी देने वाले ने उनकी निजी कार का नंबर बताया, तो उन्हें यह बात बहुत गंभीर लगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने धमकी देने वाले से कहा था कि वह उनके कार्यालय में आकर मिलें, क्योंकि वह किसी से भी डरने वाले नहीं हैं।
मंत्री ने यह भी बताया कि यह संभव है कि धमकी देने वाला व्यक्ति भारत से बाहर का हो, क्योंकि वह जिस नंबर से फोन कर रहा था, वह भारतीय नहीं था। संतोष सिंह ने साफ कहा कि वह किसी से डरने वाले नहीं हैं और जो करना है कर लें। उन्होंने मीडिया को यह भी बताया कि वह पूरी तरह से कानून के साथ हैं और उन्हें किसी प्रकार की धमकी से डरने की कोई जरूरत नहीं है।
इस धमकी की तुलना 2022 में हुई बाबा सिद्दीकी की हत्या से की जा रही है। पिछले साल अक्टूबर में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की मुंबई में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में यह सामने आया था कि इस हत्या में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई का हाथ था। हत्या से पहले, शूटर लगातार अनमोल बिश्नोई से संपर्क में थे। पुलिस ने बताया था कि बाबा सिद्दीकी की हत्या के लिए तीन लोगों को सुपारी दी गई थी और यह पूरी साजिश बिश्नोई के गैंग के द्वारा रची गई थी।
मंत्री संतोष सिंह ने साफ तौर पर यह भी कहा कि उन्होंने धमकी देने वाले से यह भी कहा कि अगर वह उनसे कुछ करने की सोच रहे हैं तो वह कभी भी हिम्मत नहीं हारेंगे और अपने कर्तव्यों का पालन करते रहेंगे। उनका यह भी कहना था कि यह मामला उनकी जान से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह मामला उनके मंत्रालय और जनता से जुड़ा हुआ है।
यह धमकी न केवल संतोष सिंह के लिए बल्कि पूरे बिहार के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि अगर अपराधी गैंग्स और गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो उनकी हिम्मत बढ़ सकती है। बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन को इस तरह की धमकियों से निपटने के लिए और सख्त कदम उठाने होंगे ताकि राज्य में अपराधियों का हौसला पस्त किया जा सके।





