उन्होंने कहा कि बिहार बजट 2025 के नाम पर सरकार ने जनता को केवल लॉलीपॉप और झुनझुना थमा दिया है। खासतौर पर उन्होंने "पिंक शौचालय" योजना को लॉलीपॉप करार दिया और सरकार पर लोकलुभावन घोषणाओं के जरिए जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। सत्र के तीसरे दिन विभिन्न विपक्षी दलों के विधायक अपनी-अपनी मांगों को लेकर सदन पहुंचे। राजद ने 65 प्रतिशत आरक्षण से जुड़ी अपनी मांगों को उठाते हुए सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
वहीं, भाकपा-माले के विधायकों ने भी अलग-अलग मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा। माले विधायकों ने राज्य में खाली पदों पर तत्काल बहाली कराने, रसोइयों के वेतन में बढ़ोतरी करने और झारखंड की तर्ज पर 2500 रुपये की सम्मान योजना लागू करने की मांग रखी। इसके अलावा, उन्होंने दलितों, किसानों और गरीबों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की मांग भी उठाई। सदन के भीतर भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा।
विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष को घेरते हुए विपक्षी विधायकों ने शिक्षकों के तबादले समेत अन्य समस्याओं को लेकर सरकार से जवाब तलब किया। सदन का माहौल लगातार गर्म होता गया, जिससे कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने के लिए स्वीकर नंदकिशोर यादव को हस्तक्षेप करना पड़ा। विपक्ष के आक्रामक रुख को देखते हुए सत्तापक्ष के नेता भी जवाबी हमला करने में जुट गए, जिससे विधानसभा का माहौल पूरी तरह से राजनीतिक संग्राम में बदल गया।
Read This Also:- खालिस्तानी समर्थकों का लंदन में हंगामा, जयशंकर की कार को घेरने की कोशिश
Read This Also:- खालिस्तानी समर्थकों का लंदन में हंगामा, जयशंकर की कार को घेरने की कोशिश





