देश के पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने अर्थव्यवस्था के हाल पर चिंतां ज़ाहिर करते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि इस समय भारतीय अर्थव्यवस्था संकट में है लेकिन भाजपा के तथाकथित अर्थशास्त्रियों को इसकी परवाह नहीं है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट के ज़रिए उन्होंने कहा कि भाजपा वर्ष 2023-24 में भारतीय अर्थव्यवस्था की मज़बूती की बात कहती है लेकिन शुद्ध विदेशी प्रत्यक्ष निवेश(एफडीआई) में 31 फ़ीसदी की गिरावट क्यों आई? इसका भाजपा के पास कोई जवाब नहीं है। एफडीआई के माध्यम से हमें यह पता चलता है कि विदेशी और भारतीय निवेशकों को सरकार और उसकी नीतियों पर कितना भरोसा है। वर्ष 2023-24 के आंकड़े इसी बात का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि देश की समस्याओं के समाधान में नाकाम साबित हुई मोदी सरकार को त्यागपत्र दे देना चाहिए।
निवेश क्यों नहीं हो रहा ?
पी. चिदंबरम ने कहा कि एक अच्छी अर्थव्यवस्था का प्रमाणपत्र निवेशकों के माध्यम से आना चाहिए लेकिन भाजपा ख़ुद ही अपने आपको एक अच्छी अर्थव्यवस्था बनाने का प्रमाणपत्र देती रहती है। भारतीय निवेशकों ने पिछले तीन वर्षों से भाजपा की नीतियों पर कोई भरोसा नहीं जताया है। निवेशक मान चुके है कि भारतीय अर्थव्यवस्था उतनी अच्छी नहीं है जिसमें निवेश किया जा सके। इसलिए निवेशक भारतीय अर्थव्यवस्था से पैसा बाहर निकाल रहे हैं। पी. चिदंबरम ने कहा कि भारत में ब्याज़ दरें ऊंची हैं। जबकि वास्तविक मज़दूरी दर स्थिर है। भारत में बेरोज़गारी दर बढ़ रही है और घरेलू ख़पत क्षमता कम होती जा रही है। ये सभी संकेत यह इशारा करते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति सही नहीं हैं।
पी. चिदंबरम ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार बेरोज़गारी की समस्याँ का समाधान नहीं कर सकती है। अगर ऐसे ही सरकार का रवैया रहा तो सरकार को त्यागपत्र दे देना चाहिये।
पी. चिदंबरम पहले भी साध चुके है भाजपा पर निशाना
14 दिसंबर 2019 को पी. चिदंबरम ने अपने एक बयान में कहा था कि पिछले छह महीनों में मोदी सरकार भारत की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर चुके हैं। यह बयान पी. चिदंबरम ने ‘भारत बचाओ’ रैली के दौरान दिया था। इसके अलावा 16 जुलाई 2022 को पी. चिदंबरम ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया था कि सरकार बेरोज़गारी, गिरते रूपये की क़ीमत और बढ़ते एलपीजी गैस के दामों पर कोई नियंत्रण नहीं रख पा रही है।कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु लिए 17, 300 करोड़ रुपयों की परियोजनाओं की घोषणा की थी। इसपर पी. चिदंबरम ने प्रधानमंत्री से सवाल किया था कि इसका बजट में कोई उल्लेख़ क्यों नहीं है। सरकार ने बेरोज़गारी मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।अगर कांग्रेस केंद्र सरकार में आती है तो वो सबसे पहले अग्निवीर योजना को ख़त्म करेगी।
कौन हैं पी. चिदंबरम ?
पलानी अप्पन चिदंबरम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता होने के साथ-साथ जानेंमाने वक़ील भी हैं। इस समय वे कांग्रेस पार्टी की तरफ़ से राज्यसभा के सांसद हैं। केंद्र सरकार में चार बार वित्तमंत्री की भूमिका भी निभा चुके हैं और तीन साल गृहमंत्री के पद पर भी रह चुके हैं।





