महाराष्ट्र के कोंकण संभाग की चुनावी तैयारी से जुड़ी एक समीक्षा बैठक में कार्यकर्ताओं से थोराट ने कहा कि उन्हें एमवीए की जीत के लिए एकजुट होकर कार्य करना होगा। मुझे सौ फीसदी भरोसा है कि राज्य का अगला सीएम एमवीए और कांग्रेस का होगा। उन्होंने आगामी नगर पालिका और जिला परिषद के चुनावों को लेकर भी कहा कि इस पर अभी से तैयारी करना शुरू कर दें, क्योंकि यह चुनाव भी महत्वपूर्ण है।
सीधे मुख्यमंत्री पद का दावा नहीं करना चाहिए
कांग्रेस नेता के इस बयान के बाद शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा कि कांग्रेस नेता को सीधे मुख्यमंत्री पद का दावा नहीं करना चाहिए, सीटों का बंटवारा अभी बाकी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संजय राउत ने कहा कि हमारी वजह से महाराष्ट्र में कांग्रेस की सीटें बढ़ी हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ऐसा कोई निर्णय नहीं लेंगे। साथ ही राउत ने कहा कि सभी छोटे सहयोगी दलों को भी एमवीए में शामिल करने का प्रयास करना होगा।
इससे पहले शरद पवार ने मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर कहा था कि एमवीए चुनाव के बाद ही चेहरे का ऐलान करेगी। शरद पवार ने कहा था कि अभी मुख्यमंत्री के चेहरे पर जोर देने का कोई मतलब नहीं है। एमवीए एक साथ बैठकर मुख्यमंत्री पद पर फैसला करेगी। विधानसभा चुनाव के बाद सीटों की संख्या के आधार पर फैसला होगा कि मुख्यमंत्री कौन होगा। अभी महाविकास अघाड़ी को बहुमत मिलना जरूरी है। लोगों के समर्थन के बाद स्थिर सरकार देना जरूरी है। वहीं शिवसेना (यूबीटी) इस पक्ष में है कि उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाकर एमवीए को चुनाव लड़ना चाहिए।
महाराष्ट्र में अक्टूबर-नवंबर में होने हैं चुनाव
महाराष्ट्र में इस साल अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। 288 सीटों वाले राज्य में हुए पिछले चुनाव के नतीजे की बात करे, तो बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थी। हालांकि, चुनाव के बाद शिवसेना एनडीए से अलग हो गई और उसने एनसीपी-कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई और उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने।
लेकिन जून 2022 में शिवसेना में आंतरिक कलह हो गई। इसके बाद एकनाथ शिंदे ने पार्टी के 40 विधायकों को तोड़ दिया और बीजेपी के समर्थन से मुख्यमंत्री बने। जिसके बाद शिवसेना दो गुटों में बट गई। एक मूल शिवसेना जिसका नेतृत्व सीएम शिंदे करते हैं। दूसरी, शिवसेना(यूबीटी) इसका नेतृत्व उद्धव ठाकरे करते हैं।





