कंबोज ने कहा, "बाबा सिद्दीकी मेरे अच्छे दोस्त थे और हमारी मुलाकातें राजनीतिक और गैर-राजनीतिक मुद्दों पर होती थीं। 12 अक्टूबर 2024 को जब उनकी हत्या हुई, तब उसी दिन हमारी बातचीत हुई थी।" उन्होंने यह भी कहा कि बाबा के साथ उनका रिश्ता काफी पुराना था, क्योंकि वह पिछले 15 सालों से बांद्रा में रहते थे और बाबा को अच्छी तरह से जानते थे।
कंबोज ने यह स्पष्ट किया कि बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में उनका नाम आरोपपत्र में नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि बाबा की हत्या बहुत चौंकाने वाली घटना थी और वह खुद पीड़ित परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त करने अस्पताल भी गए थे।
कंबोज ने पुलिस से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और आरोपियों को सजा दिलवाने की अपील की।
जीशान सिद्दीकी ने मोहित कंबोज पर आरोप लगाते हुए कहा कि कंबोज ने हत्या के दिन शाम के समय उनके पिता से व्हाट्सएप पर संपर्क किया था। उनका दावा था कि मोहित कंबोज बांद्रा में चल रही मुंद्रा बिल्डर्स परियोजना के सिलसिले में उनसे मिलने के लिए संपर्क कर रहे थे।
जीशान ने कहा कि उनके पिता का नियमित संपर्क कई बिल्डरों के साथ था, और उनके पास इस मामले के बारे में अहम जानकारियां थीं। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि बाबा सिद्दीकी अपनी दैनिक गतिविधियों को डायरी में लिखते थे और उस दिन की जानकारी भी उनके पास मौजूद थी। जीशान ने पुलिस से इस मामले की गंभीरता से जांच करने और सभी तथ्यों को उजागर करने की अपील की है।
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