अदालत ने इन तीनों को अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया था और फिर नियमित जमानत के लिए आवेदन किया गया था, जिस पर गुरुवार को सुनवाई हुई।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने बताया कि अदालत में तीनों के जमानत प्रार्थना पत्र पर बहस की गई और दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने स्थायी जमानत अर्जी मंजूर कर ली। अब तीनों आरोपी स्थायी रूप से जमानत पर हैं और उन्हें आगे इस मामले में अदालत में पेश होने के लिए बुलाया जाएगा।
इस बीच, आजम खां के खिलाफ एक और चर्चित मामला सामने आया है। यह मामला 2018 में हुए एक विवाद से जुड़ा है, जब आजम खां ने पूर्व सांसद अमर सिंह के परिवार के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
इस बयान के बाद अमर सिंह ने लखनऊ के गोमतीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अमर सिंह का आरोप था कि आजम खां ने एक न्यूज चैनल को दिए गए साक्षात्कार में उनके परिवार के बारे में अशोभनीय बातें कही थीं। यह मामला पहले लखनऊ में था, लेकिन बाद में इसे रामपुर स्थानांतरित कर दिया गया। इस मामले की सुनवाई अब 28 मार्च को होने जा रही है।
गुरुवार को, समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां से जिला कारागार में तीन नेताओं ने मुलाकात की।
मुलाकात करने वालों में रामपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमेंद्र सिंह चौहान, पूर्व महिला आयोग सदस्य बेनजीर उमर और अमरीश पटेल शामिल थे। मुलाकात के दौरान तीनों नेताओं ने जेल मैनुअल के अनुसार ऑनलाइन पंजीकरण किया और एक घंटे तीन मिनट तक आजम खां से बातचीत की। इसके साथ ही रमजान के महीने को देखते हुए उन्होंने रोजे के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री भी आजम खां के लिए भेजी। मुलाकात करने वाले नेताओं ने बताया कि आजम खां का स्वास्थ्य ठीक है, लेकिन उनकी आंखों में समस्या बढ़ गई है।
इस मामले में विपक्षी दलों का कहना है कि आजम खां के खिलाफ आरोप राजनीति से प्रेरित हो सकते हैं, जबकि उनका पक्ष यह मानता है कि ये मामले पूरी तरह से कानूनी हैं। इसके बावजूद, इन मामलों ने आजम खां को राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बना दिया है। अब देखना यह है कि अदालत इन सभी मामलों में क्या फैसला देती है और आजम खां की राजनीति पर इसका क्या असर होता है।
Read This Also:- राष्ट्रगान विवाद पर तेजस्वी का हमला, बोले- "नीतीश कुमार को अब रिटायर हो जाना चाहिए"
Read This Also:- राष्ट्रगान विवाद पर तेजस्वी का हमला, बोले- "नीतीश कुमार को अब रिटायर हो जाना चाहिए"





