प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खगराबाड़ी में काफिले की कई गाड़ियों पर पथराव किया गया और बांस के डंडों से हमला किया गया। भाजपा नेताओं के मुताबिक, शुभेंदु अधिकारी और सांसद निसिथ प्रमाणिक की बुलेटप्रूफ गाड़ी को भी नुकसान पहुंचा। हमले में पुलिस की एस्कॉर्ट गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया।
TMC ने पुलिस की मौजूदगी में हमला कराया– शुभेंदु अधिकारी
घटना के बाद शुभेंदु अधिकारी ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा, “यह हमला मंत्री उदयन गुहा के इशारे पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने किया है। पुलिस की मौजूदगी में हमारी गाड़ियों पर पथराव किया गया और कारों के शीशे तोड़े गए।”
भाजपा सांसद सुकांत मजूमदार ने इसे "टीएमसी की हताशा" करार देते हुए कहा, “टीएमसी के शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बिना यह हमला संभव नहीं था। पूरे राज्य में भाजपा कार्यकर्ता इसका विरोध करेंगे।”
हालांकि टीएमसी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। कूचबिहार जिला अध्यक्ष पार्थ प्रतिम रॉय ने कहा, “भाजपा सहानुभूति बटोरने के लिए इस तरह की घटनाएं गढ़ रही है। हमारे कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया, किसी ने भी हिंसा नहीं की।”
टीएमसी का कहना है कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने कूचबिहार में भाजपा की नीतियों के खिलाफ विरोध जताने के लिए ‘जय बांग्ला’ के नारे लगाए और झंडे दिखाए। यह प्रदर्शन बंगाल में संभावित एनआरसी, प्रवासी श्रमिकों के उत्पीड़न और बंगाली भाषा के प्रति कथित अनादर के विरोध में किया गया।





