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जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ सेना का बड़ा अभियान, दो दिनों में छह आतंकी ढेर

कश्मीर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) वी.के. बिरदी ने बताया पिछले दो दिनों में केरन और त्राल में दो बेहद सफल ऑपरेशन किए गए, जिनमें कुल छह आतंकवादी मारे |

जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ सेना का बड़ा अभियान, दो दिनों में छह आतंकी ढेर
फोटो: जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ सेना का बड़ा अभियान, दो दिनों में छह आतंकी ढेर
जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बलों की कार्रवाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। पहलगाम में हुए भीषण हमले के बाद भारतीय सेना पूरी तरह सक्रिय हो गई है और आतंकवाद के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ दिया गया है। पिछले 48 घंटों में घाटी में दो अहम मुठभेड़ों के दौरान कुल छह आतंकियों को ढेर किया गया है। कश्मीर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) वी.के. बिरदी ने बताया, “पिछले दो दिनों में केरन और त्राल में दो बेहद सफल ऑपरेशन किए गए, जिनमें कुल छह आतंकवादी मारे गए हैं। हम घाटी में आतंकी ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

गुरुवार को सुरक्षा बलों ने पुलवामा जिले के त्राल स्थित नादेर गांव में सटीक कार्रवाई करते हुए तीन आतंकियों को मार गिराया। मुठभेड़ की शुरुआत उस समय हुई जब सुरक्षा बलों ने इलाके को चारों तरफ से घेर कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसका सुरक्षाबलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। अभियान समाप्ति तक तीन आतंकवादी ढेर किए जा चुके थे, जिनकी शिनाख्त की जा रही है।

इससे एक दिन पहले, 13 मई को शोपियां में ‘ऑपरेशन केलर’ के तहत सेना ने तीन आतंकियों को ढेर कर दिया था। खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू हुए इस ऑपरेशन में सेना को भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ। यह मुठभेड़ भी रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है। उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी। इसके बाद से ही जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती है और लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।

भारत ने इस हमले के जवाब में 6-7 मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया गया। यह ऑपरेशन भारतीय वायुसेना, थलसेना और नौसेना की संयुक्त कार्रवाई का हिस्सा था और इसका संदेश स्पष्ट था – आतंक का जवाब निर्णायक और घातक होगा।