अखिलेश यादव ने भाजपा पर वक्फ (संशोधन) विधेयक के जरिए अल्पसंख्यकों की ज़मीनों को हड़पने का आरोप लगाया और कहा कि “भाजपा जहां भी ज़मीन देखती है, उस पर कब्जा करने का प्रयास करती है। वे पूरी तरह से ‘भू-माफिया पार्टी’ बन चुके हैं।”
उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसलों से जनता को आर्थिक रूप से चोट पहुँचाई, और अब आरक्षण प्रणाली को भी कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी वादा किया कि यदि उनकी पार्टी 2027 में सत्ता में आती है, तो प्रयागराज महाकुंभ 2025 में हुए कथित कुप्रबंधन की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भगदड़ की घटनाओं के दौरान ड्रोन और सीसीटीवी सिस्टम पूरी तरह निष्क्रिय थे।
उन्होंने कहा, "जब सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी, तब निगरानी तंत्र बंद कर दिया गया। इससे घटना की गंभीरता और प्रशासन की लापरवाही उजागर होती है।"
अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने मृतकों के परिजनों पर दबाव डाला कि वे मौत के कारणों को लेकर प्रशासनिक 'वर्जन' को स्वीकार करें। जब उनसे भारत गठबंधन के भविष्य पर सवाल किया गया, तो अखिलेश यादव ने दो टूक कहा कि “भारत गठबंधन अभी भी है और आगे भी रहेगा।"
उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर आशा जताते हुए कहा कि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग (PDA) मिलकर भाजपा को उत्तर प्रदेश से सत्ता से बाहर करेगा। सपा सांसद रामजी लाल सुमन द्वारा राणा सांगा पर दिए गए विवादित बयान पर पूछे गए सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा, "जो इतिहास हमें एक-दूसरे से श्रेष्ठ या हीन बनाता है और हमारी प्रगति में बाधा बनता है, उसे वहीं रहने देना चाहिए।"





