इस पर अभिषेक मनु सिंघवी ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि वे कल मात्र तीन मिनट के लिए सदन में थे। साथ ही उन्होंने एक सुझाव देते हुए कहा कि सीटों को लॉक करने की व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे कोई अन्य व्यक्ति वहां कुछ न रख सके। सिंघवी ने कहा, 'मैं इस बात से आश्चर्यचकित हूं। मैंने ऐसा पहले कभी नहीं सुना। मैं कल दोपहर 12:57 पर सदन में गया और 1 बजे बाहर आ गया। फिर 1 से डेढ़ बजे तक अयोध्या प्रसाद के साथ कैंटीन में लंच किया और वहीं से चला गया। कुल मिलाकर सदन में तीन मिनट और कैंटीन में आधा घंटा रहा।'
उन्होंने आगे कहा, 'खेद है कि ऐसे मामलों का भी राजनीतिकरण हो रहा है। जांच इस बात की होनी चाहिए कि कोई किसी की सीट पर कुछ भी कैसे रख सकता है। मेरा सुझाव है कि सभी सांसदों को लॉक करने योग्य सीटें मिलें। सांसद आने पर अनलॉक करें और जाते समय लॉक कर जाएं। चाबी केवल संबंधित सांसद के पास रहे। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि कोई अन्य व्यक्ति सीट का दुरुपयोग कर सकता है और फिर सांसद पर आरोप लगते हैं। मेरा मानना है कि सभी को इस सुझाव का समर्थन करना चाहिए।'
दूसरी ओर, भाजपा सांसदों ने इसे गंभीर मामला बताया है। गोरखपुर से भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा कि किसी सांसद की सीट से नोटों का बंडल मिलना चिंताजनक है। उन्होंने सभापति द्वारा जांच के आदेश का स्वागत किया और कहा कि यह सत्य सामने लाने के लिए आवश्यक है।





