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AAP में शामिल होने के एक सप्ताह बाद अवध ओझा को मिला टिकट का तोहफा, बोले- मैं पूरी तरह समर्पित...

ओझा ने ट्वीट करते हुए कहा, "शिक्षा सेवा का माध्यम है। मैं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल जी का आभारी हूं, जिन्होंने मुझ जैसे साधारण शिक्षक पर विश्वास किया।

AAP में शामिल होने के एक सप्ताह बाद अवध ओझा को मिला टिकट का तोहफा, बोले- मैं पूरी तरह समर्पित...
फोटो: AAP में शामिल होने के एक सप्ताह बाद अवध ओझा को मिला टिकट का तोहफा, बोले- मैं पूरी तरह समर्पित...
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी ने सोमवार को उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की। इस सूची में कई बदलाव किए गए हैं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण पटपड़गंज विधानसभा सीट का है। पार्टी ने इस सीट से शिक्षक अवध ओझा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है, जहां पहले पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया चुनाव लड़ते थे। 

उम्मीदवार बनाए जाने के बाद अवध ओझा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। ओझा ने ट्वीट करते हुए कहा, "शिक्षा सेवा का माध्यम है। मैं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल जी का आभारी हूं, जिन्होंने मुझ जैसे साधारण शिक्षक पर विश्वास किया। पटपड़गंज में सिसोदिया जी की शिक्षा संबंधी प्रतिबद्धता को मैं आगे बढ़ाऊंगा।" उन्होंने आगे कहा, "मनीष सिसोदिया जी का शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान रहा है। मैं उनकी शिक्षा यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह समर्पित हूं। संघर्षशील नेता संजय सिंह जी और आम आदमी पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं का हृदय से आभार।"

अवध ओझा दो दिसंबर को आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल हुए। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने उनका स्वागत किया। उसी दिन ओझा ने विधानसभा चुनाव में AAP के टिकट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी।

जंगपुरा से लड़ेंगे मनीष सिसोदिया

जंगपुरा से टिकट मिलने पर मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया, "अरविंद केजरीवाल और उनकी टीम का रिश्ता पारंपरिक राजनीति के 'पद, पैसा और प्रतिष्ठा' से कहीं ऊपर है। यह बात उन लोगों की समझ से परे है, जो केवल इन्हीं सीमित दायरों में सोचते हैं। दिलीप पांडे का अरविंद केजरीवाल और आप के प्रति समर्पण और विश्वास नई राजनीति का प्रतीक है—जहां नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का रिश्ता मात्र संगठनात्मक नहीं, बल्कि मूल्यों और लक्ष्यों पर आधारित है। यही है वह परिवर्तनकारी राजनीति, जो देश को अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में मिली है।" 

अरविंद केजरीवाल और उनकी टीम का रिश्ता पारंपरिक राजनीति के 'पद, पैसा और प्रतिष्ठा' से परे है। यह उन लोगों की समझ से बाहर है, जो इन सीमित मूल्यों तक ही सीमित हैं।