यह मंदिर 1980 में हुए दंगों के कारण बंद हो गया था, जब हिंदू परिवारों ने भय के कारण यहां से पलायन किया। तब से यह स्थल खंडहर में तब्दील हो गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मंदिर के आसपास का क्षेत्र मुस्लिम बाहुल्य था, और इसकी देखभाल की कमी के कारण मंदिर की स्थिति बिगड़ गई थी।
हालांकि, अब मंदिर को फिर से खोला गया है और वहां की सफाई भी की गई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की निगरानी में गर्भगृह की खुदाई की गई, जिसकी वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई। इसके अलावा, सीसीटीवी से कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
गौरी शंकर मंदिर के पुनर्निर्माण के बाद इसे फिर से धार्मिक गतिविधियों का केंद्र बनाया जाएगा। इस मंदिर के पुजारी के पोते ने जिला मजिस्ट्रेट को पत्र लिखकर मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग की थी। उन्होंने बताया कि उनका परिवार 1980 के दंगे के बाद यहां से पलायन कर गया था। मंदिर के पुनर्निर्माण से न केवल इस क्षेत्र के धार्मिक जीवन को पुनर्जीवित किया जाएगा, बल्कि यह स्थान एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनेगा।
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