महिला आरक्षण और परिसीमन: खरगे ने लिखा पत्र
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 16 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध किया। इस पत्र में उन्होंने उल्लेख किया कि मार्च और अप्रैल में उन्होंने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को इस विषय पर कई पत्र भेजे थे, लेकिन उनके अनुरोधों को ठुकरा दिया गया।
खरगे ने पत्र में बताया कि इस साल 17 अप्रैल को संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, 2026 को लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत प्राप्त नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि अब उन्हें जानकारी मिली है कि केंद्र सरकार इस विधेयक का संशोधित संस्करण आगामी मॉनसून सत्र में पेश करने की योजना बना रही है।
विपक्षी एकजुटता का प्रयास
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी पार्टी परिसीमन विधेयक का विरोध करेगी और विपक्षी एकता बनाए रखने का प्रयास करेगी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में सरकार को लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत मिलने की संभावना नहीं है।
रमेश ने बताया कि कांग्रेस ने मॉनसून सत्र के दौरान चढ़ावा चोरी, पेपर लीक और महंगाई जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरने का निर्णय लिया है। पार्टी के संसदीय रणनीतिक समूह की बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा की गई थी, जिसमें सोनिया गांधी ने नेतृत्व किया।
महिला आरक्षण पर स्थिति स्पष्ट
महिला आरक्षण और परिसीमन: जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर महिला आरक्षण लागू कर 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करती है, तो कांग्रेस उसका समर्थन करेगी। लेकिन, उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन की कोशिश स्वीकार्य नहीं होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार संविधान की भावना के विपरीत दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस अन्य विपक्षी दलों के साथ लगातार संपर्क में है और उन्हें विश्वास है कि सरकार आवश्यक बहुमत नहीं जुटा पाएगी। यदि सरकार सफल होती है, तो वह 'कलंकित बहुमत' होगा।
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