अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे नहीं झुकेगा भारत- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अमेरिका से चल रहे टैरिफ वॉर के बीच एक बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपने किसानों, मछुआरों और डेयरी उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुकेगा नहीं, चाहे इसकी उन्हें राजनीतिक या कूटनीतिक कीमत क्यों न चुकानी पड़े। प्रधानमंत्री ने सरकार की किसान-हितैषी योजनाओं की चर्चा करते हुए कृषि क्षेत्र में हो रहे सुधारों को रेखांकित किया।
मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य किसानों की आय को बढ़ाना, खेती की लागत को कम करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि देश में सोयाबीन, सरसों और मूंगफली जैसी फसलों का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है। पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, कृषि सिंचाई योजना और किसान संपदा योजना जैसी पहलों ने न केवल किसानों को सीधी सहायता दी है, बल्कि उनमें आत्मबल और भरोसा भी पैदा किया है। उन्होंने विशेष रूप से छोटे किसानों के लिए कोऑपरेटिव और स्वयं सहायता समूहों के ज़रिए आर्थिक सशक्तिकरण को सरकार की उपलब्धियों में गिनाया।
इस बीच, अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता में कृषि और डेयरी क्षेत्र को लेकर मतभेद गहराते रहे। अमेरिका चाहता था कि भारत अपने कृषि और डेयरी बाजारों को उनके उत्पादों के लिए खोले। इनमें सेब, बादाम, अखरोट और जेनेटिकली मॉडिफाइड फसलें जैसे सोयाबीन और मक्का शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका की मांग थी कि भारत डेयरी उत्पादों खासकर पनीर और दूध पाउडर पर लगे टैरिफ और गैर-टैरिफ प्रतिबंधों को हटाए। हालांकि भारत ने इन मांगों का सख्त विरोध किया। इस टकराव के जवाब में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर दो चरणों में कुल 50% तक टैरिफ लगा दिए, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव और बढ़ गया।





