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पश्चिम बंगाल की राजनीति: AIMIM गठबंधन की बड़ी घोषणा

AIMIM गठबंधन की बड़ी घोषणा: ओवैसी ने हुमायूं कबीर की AJUP के साथ चुनावी गठबंधन का ऐलान किया, बंगाल में मुस्लिम नेतृत्व और सशक्तिकरण पर जोर।

पश्चिम बंगाल की राजनीति: AIMIM गठबंधन की बड़ी घोषणा
फोटो: Asaduddin Owaisi Mamata Banerjee statement, AIMIM alliance West Bengal politics
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में सियासी हलचल के बीच AIMIM गठबंधन की बड़ी घोषणा हुई है, जिसमें AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में हुमायूं कबीर की ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AJUP) के साथ चुनावी गठबंधन की घोषणा की। ओवैसी ने कहा कि उनका मकसद पश्चिम बंगाल में कमजोर तबकों के शोषण को रोकना और मुस्लिम नेतृत्व को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि सीटों का बंटवारा लगभग तय हो चुका है और केवल कुछ सीटों पर अंतिम बातचीत बाकी है।

AIMIM गठबंधन की बड़ी घोषणा

ओवैसी ने AIMIM गठबंधन की बड़ी घोषणा के बाद जोर देकर कहा कि बंगाल में अल्पसंख्यकों की हालत पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि राज्य में केवल 7 प्रतिशत मुसलमान सरकारी नौकरियों में हैं और मालदा और मुर्शिदाबाद में पानी जैसी बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं। AIMIM का मुख्य एजेंडा मुस्लिम समुदाय के सशक्तिकरण और नेतृत्व को बढ़ावा देना है। ओवैसी ने यह भी कहा कि केवल नमाज पढ़ने से भूख और आर्थिक समस्याएं हल नहीं हो सकतीं।

ममता बनर्जी पर निशाना 

ओवैसी का ममता बनर्जी पर हमला इस बात पर केंद्रित रहा कि TMC ने मुसलमानों के वोट तो हासिल किए, लेकिन इस समुदाय के लिए कोई ठोस काम नहीं किया। उनका कहना है कि ममता की राजनीति ने BJP को राज्य में मजबूती हासिल करने का मौका दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बंगाल के लोग वर्तमान राजनीतिक माहौल में घुटन महसूस कर रहे हैं और इस गठबंधन के जरिए उन्हें वैकल्पिक विकल्प मिल सकेगा।

हुमायूं कबीर का समर्थन और AJUP का रोल

हुमायूं कबीर, जिन्होंने मुर्शिदाबाद में विवादास्पद मस्जिद मामले के बाद TMC से अलग होकर AJUP बनाई थी, ने भी AIMIM के साथ गठबंधन की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि उनके और AIMIM के बीच सहयोग न सिर्फ विधानसभा चुनावों तक सीमित रहेगा बल्कि संसदीय चुनावों में भी जारी रहेगा। हुमायूं ने यह भी कहा कि उनके उम्मीदवारों की घोषणा शीघ्र की जाएगी और AIMIM भी अपनी सीटों की घोषणा करेगी।

चुनावी रणनीति और रैलियां

ओवैसी मुर्शिदाबाद से अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे और कम से कम 20 रैलियां आयोजित करेंगे। उनकी पहली रैली 1 अप्रैल को बहरामपुर में होगी, जबकि एक प्रमुख रैली कोलकाता में भी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी सीट पर स्पष्ट बहुमत नहीं आता, तो यह गठबंधन सरकार बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

राज्य में गठबंधन की भूमिका 

ओवैसी ने यह स्पष्ट किया कि गठबंधन का लक्ष्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों को राजनीतिक नेतृत्व प्रदान करना और उनके विकास के मुद्दों को उठाना है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी पसंद की पार्टी को वोट देने की स्वतंत्रता है और यह गठबंधन राज्य के खंडित जनादेश में अहम भूमिका निभा सकता है।

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