पश्चिम बंगाल में मतदान
पहले चरण में पश्चिम बंगाल मतदान में 152 सीटों पर वोटिंग हो रही है। सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, उत्तर व दक्षिण कूच बिहार, रायगंज, इस्लामपुर, बालूरघाट, मालदा और मुर्शिदाबाद जैसी महत्वपूर्ण सीटें इस चरण में शामिल हैं। नंदीग्राम और भवानीपुर सीटें चुनावी चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। नंदीग्राम में पिछले चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी के बीच मुकाबला हुआ था। इस बार भी दोनों नेताओं के बीच टक्कर देखने को मिल सकती है, हालांकि भवानीपुर सीट में मुकाबला है।
केंद्रीय बलों की तैनाती
पश्चिम बंगाल में मतदान के दौरान सड़क पर बख्तरबंद वाहन और जवान तैनात हैं। बीजेपी इसे टीएमसी के गुंडागर्दी से सुरक्षा का कारण बताती है, जबकि टीएमसी इसे आवश्यक से अधिक सुरक्षा के रूप में आलोचना कर रही है। मतदान के बाद भी लगभग 500 कंपनियां राज्य में सुरक्षा बनाए रखेंगी। इस सुरक्षा में CRPF, BSF, CISF, ITBP, SSB, NSG और असम रायफल्स शामिल हैं। तमिलनाडु में वोटिंग और विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान पश्चिम बंगाल की तरह सुरक्षा के लिए CRPF, BSF, CISF और अन्य बल तैनात किए गए हैं।
तमिलनाडु में सुरक्षा तैयारी
तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हो रहा है। राज्यभर में 75,032 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 5,938 को संवेदनशील घोषित किया गया है। इन केंद्रों पर अर्धसैनिक बल और राज्य पुलिस की तैनाती है। कुल 1.47 लाख सुरक्षा कर्मी, 23,000 केंद्रीय अर्धसैनिक जवान, 12,150 विशेष कमांडो और लगभग 20,000 सेवानिवृत्त सैनिक व पुलिसकर्मी ड्यूटी पर हैं। राजधानी चेन्नई के साथ 38 जिलों और सात महानगरीय पुलिस क्षेत्रों में सुरक्षा की निगरानी की जा रही है।
त्वरित प्रतिक्रिया
मतदान के दौरान 514 वाहनों में विशेष बल राज्यभर में गश्त करेंगे। यदि किसी केंद्र पर समस्या आती है, तो डीएसपी, एडीएसपी, एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में त्वरित प्रतिक्रिया दल तत्काल कार्रवाई करेंगे।
इस तरह, दोनों राज्यों में भारी सुरक्षा के बीच लोकतंत्र के इस महापर्व में 5.73 करोड़ मतदाता भाग ले रहे हैं और चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से सुरक्षित बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
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