पश्चिम बंगाल: मतदाता सूची में विवाद के चलते मानिकचक में पिछले 24 घंटे से विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर आग लगाकर और लॉरियों को रोककर नेशनल हाईवे नंबर 12 को ब्लॉक कर दिया है।
पश्चिम बंगाल: मतदाता सूची
मालदा में मतदाता सूची से नाम हटाने के विरोध में प्रदर्शन के बीच प्रदर्शनकारियों ने कालियाचक और मालदा के सात ज्यूडिशियल अधिकारियों को दोपहर से घेर रखा है। इनमें चार महिलाएं भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि अधिकारी बुधवार शाम 4 बजे से पहले तक घिरे हुए थे।
इलेक्शन कमीशन और हाई कोर्ट को घटना की जानकारी दी गई है। हालांकि स्थानीय प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। आयोग के सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए केंद्रीय बल भेजने की बजाय उन्हें मनाने की कोशिश की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही SIR में शामिल ज्यूडिशियल अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के आदेश दिए थे।
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा
विरोध प्रदर्शन की वजह से मालदा के कई हिस्सों में हालात तनावपूर्ण हैं। जलालपुर और मानिकचक समेत कई जगहों पर लोग सड़क पर उतरकर अपनी नाराजगी जता रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर आग जलाकर और ट्रैफिक रोककर विरोध किया है।
स्थानीय पुलिस और केंद्रीय बल मौके पर तैनात हैं। पुलिस अधिकारियों ने बार-बार प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने की अपील की, लेकिन लोग अभी तक नहीं हिले। मालदा के पुलिस सुपरिटेंडेंट अनुपम सिंह ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की जा रही है।
इलेक्शन कमीशन की प्रतिक्रिया
इलेक्शन कमीशन ने सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी कर नाम कटे हुए वोटरों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, प्रदर्शनकारी इसके बावजूद संतुष्ट नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि आयोग को डीजी से रिपोर्ट तलब की जा चुकी है और पूरे मामले की निगरानी की जा रही है।
मालदा में यह विवाद विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में मतदाता सूची को लेकर बढ़ते तनाव का संकेत दे रहा है। प्रशासन और आयोग दोनों पर दबाव है कि जल्द से जल्द स्थिति को नियंत्रित किया जाए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर कोई प्रभाव न पड़े।
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