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वंदे मातरम विवाद: विजय के मंत्री का बहिष्कार, सियासत गरमाई।

वंदे मातरम विवाद: TVK सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री पी विश्वनाथन मनोनमनियम सुंदरनार विश्वविद्यालय के 33वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंचे थे।

वंदे मातरम विवाद: विजय के मंत्री का बहिष्कार, सियासत गरमाई।
फोटो: Vande Mataram Row

वंदे मातरम विवाद: राजनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि

वंदे मातरम विवाद: तमिलनाडु में वंदे मातरम को लेकर एक बार फिर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। हाल ही में मुख्यमंत्री थलपति विजय की सरकार के मंत्रियों ने एक कार्यक्रम में वंदे मातरम को तमिल गीत से पहले चलाए जाने पर नाराजगी जताई। जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम में राज्य गीत 'तमिल ताई वाझथु' को वंदे मातरम के बाद प्रस्तुत किया गया था।


यह महत्वपूर्ण है कि पिछले कई दशकों से तमिलनाडु में सरकारी या सार्वजनिक कार्यक्रमों की शुरुआत हमेशा पहले तमिल गीत से होती आई है। जबकि केंद्र सरकार ने वंदे मातरम के 150वें वर्षगांठ समारोहों के लिए एक परामर्श जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि संवैधानिक पद पर मौजूद व्यक्तियों की उपस्थिति में वंदे मातरम को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।


मंत्री का कार्यक्रम में अनुपस्थित रहना

वंदे मातरम विवाद: TVK सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री पी विश्वनाथन मनोनमनियम सुंदरनार विश्वविद्यालय के 33वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर भी उपस्थित थे। विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राजभवन के निर्देशों का पालन करते हुए पहले 'वंदे मातरम', फिर 'जन गण मन' और अंत में 'तमिल ताई वाझथु' गाया गया।


हालांकि, 'तमिल ताई वाझथु' को तीसरे स्थान पर धकेले जाने के कारण पी विश्वनाथन ने समारोह में भाग लेने से मना कर दिया। कार्यक्रम के बहिष्कार के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने तमिल भाषा, संस्कृति और विरासत के सम्मान की रक्षा के लिए यह कदम उठाया। इस बहिष्कार में कई स्थानीय विधायक भी शामिल हुए।


भाजपा की प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी के नेता नारायणन तिरुपति ने मंत्री के इस बहिष्कार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल और राज्य के मंत्रियों का यह संवैधानिक दायित्व है कि वे केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों का पालन करें। तिरुपति ने सलाह दी कि मंत्रियों को विवाद पैदा करने के बजाय विश्वविद्यालयों के शिक्षा स्तर को सुधारने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।


राज्यपाल और सरकार के बीच टकराव

वंदे मातरम विवाद: मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व में हाल में बनी सरकार और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के बीच यह पहला बड़ा टकराव माना जा रहा है। इससे पहले विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद भी दोनों के बीच तनातनी देखी गई थी। उस समय विजय, जिन्होंने 107 सीटें जीती थीं, को राज्यपाल ने तब तक सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया जब तक उन्होंने बहुमत के समर्थन का लिखित प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया।


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