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केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन का इस्तीफा, कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज

मुरुगन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर संगठन को मजबूत करने की इच्छा जताई है।

केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन का इस्तीफा, कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज
फोटो: Union Minister L. Murugan Resigns, Speculations Rise Over Cabinet Expansion

मुरुगन का इस्तीफा

केंद्रीय सूचना प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। मुरुगन ने प्रधानमंत्री को एक पांच पृष्ठों का पत्र लिखकर राज्य में संगठन को मजबूती प्रदान करने की अपनी इच्छा जाहिर की है। उनके इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद में एक और पद रिक्त हो गया है, जबकि पहले से ही कई मंत्री पद खाली हैं।


मंत्रिपरिषद में रिक्तियों का एक अन्य कारण यह है कि कुछ राज्यसभा सदस्यों को दोबारा कार्यकाल नहीं मिल पाया है। इस स्थिति में यह संभावना जताई जा रही है कि इसी माह केंद्रीय मंत्रिपरिषद का विस्तार और फेरबदल हो सकता है, लेकिन भाजपा नेतृत्व की ओर से इस विषय पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।


राज्य में पार्टी को मजबूत करने की इच्छा

मुरुगन ने अपने इस्तीफे का पत्र एक्स प्लेटफॉर्म पर साझा किया है। प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित पत्र में उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में भारत माता और तमिलनाडु की सेवा करना उनके लिए सबसे बड़े सम्मान की बात रही है। उन्होंने विनम्रता से अनुरोध किया कि उन्हें राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाए, ताकि वह तमिलनाडु में पार्टी को सशक्त बनाने के लिए पूरा समय दे सकें।


मुरुगन ने पत्र में लिखा, 'पिछले पांच वर्षों से आपकी सरकार में सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है। मैं चाहता हूं कि अपने लोगों के बीच जाकर उनकी सेवा करूं और 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए तैयारियों में जुट जाऊं।'


अन्य मंत्रियों के इस्तीफे

मुरुगन के इस्तीफे से पहले जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू ने भी मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसके अलावा, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था, लेकिन वह मंत्रिपरिषद में बने हुए हैं।


उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री बी एल वर्मा भी उच्च सदन के चुनाव के लिए दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाए गए थे, लेकिन वह अपने पद पर बने हुए हैं। इस बीच, पार्टी में नए चेहरों के शामिल होने की संभावना भी जताई जा रही है, जिससे अगले कुछ दिनों में पांच नए मंत्रियों की नियुक्ति हो सकती है।