मणिक्कम टैगोर का इस्तीफा
50 वर्षीय मणिक्कम टैगोर का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस ने कोटे के तहत मिली 28 सीटों में आधी उन सीटों को स्वीकार कर लिया, जहां जीतना मुश्किल है। मणिक्कम पहले तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के साथ कांग्रेस के गठबंधन प्रयासों में सक्रिय थे। और इसी के चलते मणिक्कम टैगोर का अध्यक्ष पद से इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर भेजा गया। इसके अलावा, वे पार्टी द्वारा चुने गए उम्मीदवारों से भी संतुष्ट नहीं हैं।
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नाम तय न होने से प्रचार प्रभावित
कांग्रेस ने अभी तक तमिलनाडु के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम तय नहीं किए हैं। DMK नेतृत्व वाले गठबंधन में कांग्रेस को कुल 28 सीटें मिली हैं। उम्मीदवारों के नाम तय न होने के कारण चुनाव प्रचार में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच तमिलनाडु के कांग्रेस सांसद ने इस्तीफा दिया, जिससे गठबंधन में चिंता बढ़ गई। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को त्रिची के थुरैयूर विधानसभा क्षेत्र में प्रचार करते समय कांग्रेस उम्मीदवार न होने के कारण केवल ‘हाथ’ के चुनाव चिन्ह पर वोट मांगे।
CM की अपील
मुख्यमंत्री स्टालिन ने लोगों से अपील की कि राहुल गांधी जिस किसी को उम्मीदवार बनाएँ, उसका समर्थन करें। उन्होंने यह भी कहा कि वोटर्स सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस के सभी 9 प्रत्याशियों को जिताने में मदद करें। मतदान एक ही चरण में 23 अप्रैल को होना है और अब केवल 21 दिन शेष हैं।
सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर विवाद
सीट शेयरिंग पर मंथन के दौरान मणिक्कम टैगोर ने मांग की थी कि यदि गठबंधन फिर सत्ता में आता है, तो कांग्रेस को भी सत्ता में हिस्सेदारी मिले। इस पर TNCC प्रमुख के. सेल्वपेरुंथगाई ने नाराजगी व्यक्त की। बाद में मणिक्कम ने गठबंधन को स्वीकार किया और कहा कि पार्टी व्यक्ति से बड़ी है।
तमिलनाडु में कांग्रेस का चुनावी समन्वय मणिक्कम टैगोर के इस्तीफे से प्रभावित हो सकता है। पार्टी के भीतर मतभेद और उम्मीदवारों के चयन में देरी के कारण गठबंधन प्रचार और चुनावी रणनीति पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
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