बागी सांसदों पर अयोग्यता याचिका की तैयारी
बागी सांसदों पर अयोग्यता याचिका: तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने 20 बागी सांसदों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने की योजना बना रही है। ये सांसद हाल ही में टीएमसी छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए थे। पार्टी ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय लिया है और इसके लिए समयसीमा भी निर्धारित की है।
सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की योजना
TMC के सूत्रों के अनुसार, पार्टी अगले 10 दिनों के अंदर इन बागी सांसदों को अयोग्य घोषित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगी। इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और अपनी मांग को दोहराया। रिपोर्टों के अनुसार, बनर्जी दल-बदल विरोधी कानून के अंतर्गत इन याचिकाओं पर शीघ्र निर्णय लेने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं।
स्पीकर से कोई समाधान नहीं मिला
बागी सांसदों पर अयोग्यता याचिका: अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्हें इस मामले में अब तक कोई संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि स्पीकर ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा, "यदि स्पीकर समय सीमा के भीतर निर्णय नहीं लेते हैं, तो मुझे मजबूरन सुप्रीम कोर्ट का रुख करना पड़ेगा और उनके हस्तक्षेप की मांग करनी होगी।"
याचिकाओं के बारे में अतिक्रमण
बागी सांसदों पर अयोग्यता याचिका: अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में TMC प्रतिनिधिमंडल ने 19 जून को स्पीकर को इन 20 सांसदों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाएं सौंप दी थीं। बनर्जी ने स्पीकर को पत्र में स्पष्ट किया था कि याचिकाएं दायर होने के बाद से पांच हफ्तों से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन न तो कोई नोटिस जारी किया गया है और न ही सुनवाई की तिथि तय की गई है।
संसद की बैठने की व्यवस्था पर आपत्ति
TMC ने संसद में अपने सांसदों की बैठने की व्यवस्था में किए गए परिवर्तनों को भी रद्द करने की मांग की है, क्योंकि स्पीकर ने बागी सांसदों को अलग बैठने की अनुमति दी थी। इससे पहले, 27 जुलाई को भी बनर्जी ने स्पीकर से इन लंबित याचिकाओं पर शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया था।
मामले की गंभीरता में वृद्धि
अभिषेक बनर्जी ने यह भी कहा कि मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 19 जुलाई की सर्वदलीय बैठक में इन बागी सदस्यों को 'अलग समूह' के रूप में आमंत्रित किया। बनर्जी के अनुसार, यह कदम यह दर्शाता है कि लोकतंत्र के हित में याचिकाओं पर शीघ्र निर्णय लेना अत्यंत आवश्यक है।
बागी सांसदों की पहचान
बागी सांसदों में सुदीप बंद्योपाध्याय, काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय और मिताली बाग जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं। ये सभी नेता तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। बागी सांसदों ने दलबदल रोधी कानून के तहत विलय संबंधी प्रावधान का सहारा लिया है, उनका कहना है कि वे लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के 28 सदस्यों वाले दल का दो-तिहाई से अधिक हैं।
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